यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेपाल में राजशाही की मांग तेज, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास का सुरक्षा घेरा तोड़ा; पूर्व गृह मंत्री गिरफ्तार
नेपाल में राजशाही समर्थकों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की जिसके चलते ...और पढ़ें

HighLights
- प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास
- प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास है बालुवाटार
- आंदोलन के चौथे दिन नारायण चौर में प्रदर्शन
पीटीआई, काठमांडू। नेपाल में राजशाही समर्थकों ने रविवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास करने के आरोप में नेपाल के पूर्व गृह मंत्री कमल थापा और कई अन्य प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने बताया कि राजशाही को बहाल करने और नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) और आरपीपी नेपाल सहित राजशाही समर्थक समूहों ने आंदोलन के चौथे दिन नारायण चौर में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ा
काठमांडू घाटी पुलिस के प्रवक्ता अपिल बोहरा ने कहा, आरपीपी के अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन के नेतृत्व में राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने और प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास बालुवाटार की ओर बढ़ने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई। लगभग 1,200 राजशाही समर्थकों ने गणतंत्र प्रणाली के खिलाफ और राजशाही के पक्ष में नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पूर्व गृह मंत्री कमल थापा और अन्य प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। वे नारायणहिटी पैलेस म्यूजियम क्षेत्र के आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरें ले रखी थीं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी ओली के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक राजशाही बहाल नहीं हो जाती, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे।
