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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेपाल में हिंसा के चलते काठमांडू एयरपोर्ट बंद, सड़कें वीरान; भारतीय सीमा पर हाई अलर्ट

Published: Wed, 10 Sep 2025 01:48 PM (IST)Updated: Wed, 10 Sep 2025 01:56 PM (IST)

Nepal Protest नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के बाद सेना ने देश भर में पाबंदियां और कर्फ्यू लगा दिया है। प्रदर्शनकारियों ...और पढ़ें

काठमांडू समेत तमाम बड़े शहरों में सन्नाटा पसरा है।
काठमांडू समेत तमाम बड़े शहरों में सन्नाटा पसरा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों और सियासी उथल-पुथल के बाद सेना ने पूरे देश में सख्त पाबंदियां और कर्फ्यू लागू कर दिया है। मंगलवार को भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास और कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया।

इस बेकाबू हालात को काबू करने के लिए नेपाल सेना ने बुधवार को देशभर में सुबह से शाम 5 बजे तक पाबंदियां और फिर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया। सेना का कहना है कि यह कदम लूटपाट, आगजनी और हिंसा को रोकने के लिए उठाया गया है। इस बीच काठमांडू एअरपोर्ट भी बंद कर दिया गया है।

काठमांडू एयरपोर्ट बंद

काठमांडू समेत तमाम बड़े शहरों में सन्नाटा पसरा है। काठमांडू एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। इंडिगो ने इस बाबत एडवायजरी भी जारी की है। सड़कें वीरान हैं और सिर्फ जरूरी सामान लेने वाले कुछ लोग ही बाहर निकल रहे हैं। सेना और पुलिस की भारी तैनाती के बीच सड़कों पर गश्त तेज है। आगजनी से धूं-धूं जल रही इमारतों को बुझाने के लिए दमकल की गाड़ियां दिन-रात काम कर रही हैं।

हिंसा और लूटपाट की हो रही घटना

सेना ने साफ चेतावनी दी है कि पाबंदी और कर्फ्यू के दौरान कोई भी प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी या निजी संपत्ति पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। सेना ने यह भी आशंका जताई कि कुछ लोग हालात का फायदा उठाकर लूटपाट, हिंसा और गंभीर अपराध कर सकते हैं। इसीलिए लोगों से घरों में रहने और सिर्फ जरूरी काम के लिए बाहर निकलने की अपील की गई है।

सेना ने बताया कि मंगलवार को छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई हथियार, गोला-बारूद और बंदूकें लूटी गईं। सेना ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास ऐसे हथियार हैं, तो उन्हें तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या सुरक्षा बलों को सौंप दें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही, सेना ने आम लोगों से सैन्य वर्दी न पहनने की हिदायत दी है, क्योंकि यह गैरकानूनी है।

काठमांडू में सेना कर रही गिरफ्तारियां

हालात को काबू करने के लिए सेना और पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। काठमांडू के चाबहिल, बौद्ध और गौशाला इलाकों से 27 लोगों को लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 3.37 लाख रुपये नकद, 31 हथियार, मैगजीन और गोलियां बरामद की गई हैं। सेना ने लोगों से अमन-चैन कायम करने में सहयोग करने की गुजारिश की है।

प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर पाबंदी के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। सोमवार को पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रदर्शन और उग्र हो गए। हालांकि, सोशल मीडिया पर पाबंदी सोमवार रात को हटा ली गई, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके और उन्होंने कई अहम इमारतों को निशाना बनाया।

जरूरी सेवाओं को छूट

नेपाली सेना ने साफ किया है कि कर्फ्यू और पाबंदियों के दौरान जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षा बलों को काम करने की छूट होगी।

लेकिन आम लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। सेना का कहना है कि कुछ लोग हालात का गलत फायदा उठाकर आम लोगों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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