बांग्लादेश में चाकू से हमले के बाद पेट्रोल डालकर जलाए गए हिंदू व्यापारी की मौत, तीन दिन तक जिंदगी के लिए लड़ी जंग
बांग्लादेश में चाकू से हमले के बाद पेट्रोल डालकर जलाए गए हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की तीन दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार सुबह ढाका ...और पढ़ें

बांग्लादेश में चाकू से हमले के बाद पेट्रोल डालकर जलाए गए हिंदू व्यापारी की मौत (सांकेतिक तस्वीर)
पीटीआई, ढाका। बांग्लादेश में चाकू से हमले के बाद पेट्रोल डालकर जलाए गए हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की तीन दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार सुबह ढाका स्थित नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में मौत हो गई। गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में 40 वर्षीय बजेंद्र बिस्वास को मेमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में एक सहकर्मी ने गोली मार दी।
पिछले साल 24 दिसंबर को 29 साल के अमृत मंडल को हुसैनडांगा इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। 18 दिसंबर को मेमनसिंह के भालुका उपजिला में 25 साल के दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने उन्हें मारने के बाद उनके शव को एक पेड़ से लटकाकर आग लगा दी थी।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल के प्रवक्ता काजल देबनाथ ने कहा कि इस महीने हिंदू समुदाय पर सात घातक हमले किए गए। दक्षिणपंथी कट्टरपंथी संगठन स्पष्ट रूप से अल्पसंख्यक समुदायों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''किसी व्यक्ति या किसी के घर को जलाने के लिए पेट्रोल या बारूद का इस्तेमाल करना सिर्फ आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि एक अशुभ संकेत है..शायद हम एक कट्टरपंथी (दक्षिणपंथी) संस्कृति के उदय को देख रहे हैं।''
ढाका से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में शरियतपुर जिले के दामुड्या में केउरभंगा बाजार के पास बुधवार रात को 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास पर हमला किया गया। उस समय वह अपनी फार्मसी की दुकान बंद करके ऑटो-रिक्शा से घर लौट रहे थे।
तभी हमलावरों ने उन्हें रोका और बेरहमी से उन्हें पीटा, धारदार हथियारों से उन पर हमला किया और फिर उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। देबनाथ ने पुष्टि की, ''खोकन ने तीन दिन तक जिदगी के लिए संघर्ष करने के बाद शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।''
त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई
बांग्लादेश के दो उग्रवादी संगठनों - परबत्य चट्टोग्राम जनसंहति समिति और यूनाइटेड पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के कैडरों की गतिविधियों की खबरों के बाद त्रिपुरा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के कुछ हिस्सों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दक्षिणी त्रिपुरा के गोमती जिले के जिलाधिकारी रिंकू लाठर ने बताया कि बीएसएफ से विश्वसनीय जानकारी मिली है कि अपराध करने, तस्करी करने और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से ये संगठन उग्रवादियों, आम लोगों और रो¨हग्या की चुपके से घुसपैठ कराने की फिराक में हैं।

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