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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पनडुब्बी परियोजना से भारत-फ्रांस के रिश्ते होंगे मजबूत, फ्रांसीसी रक्षा फर्म नेवल ग्रुप ने MoU का किया स्वागत

By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
Published: Sun, 16 Jul 2023 08:03 AM (IST)

भारत और फ्रांस के बीच पनडुब्बी परियोजनाओं को लेकर नई घोषणा की गई है। फ्रांसीसी रक्षा फर्म नेवल ग्रुप ने ...और पढ़ें

पनडुब्बी परियोजना से भारत-फ्रांस के रिश्ते होंगे मजबूत।
पनडुब्बी परियोजना से भारत-फ्रांस के रिश्ते होंगे मजबूत।

HighLights

  1. पनडुब्बी परियोजना पर भारत-फ्रांस के बीच समझौता।
  2. भारत-फ्रांस के संबंधों को मिलेगी मजबूती।
  3. पी 75 कार्यक्रम से मेक इन इंडिया को मिलेगा बल।

पेरिस, एएनआई। भारत और फ्रांस के बीच पनडुब्बी परियोजनाओं को लेकर नई घोषणा की गई है। फ्रांसीसी रक्षा फर्म नेवल ग्रुप ने पनडुब्बी परियोजनाओं पर साझेदारी के विस्तार का स्वागत किया है।

भारत-फ्रांस के बीच नई साझेदारी

भारत और फ्रांस द्वारा पहले स्कॉर्पीन पनडुब्बी निर्माण कार्यक्रम (पी75- कलवरी) की सफलता के बाद फ्रांसीसी नौसेना का यह बयान सामने आया है। ये 'मेक इन इंडिया' का एक मॉडल है और इसका मकसद दोनों देशों की कंपनियों के बीच नौसैनिक विशेषज्ञता साझा करना है।

क्या है पी75 कार्यक्रम?

बता दें कि पी75 कार्यक्रम के तहत तीन अतिरिक्त पनडुब्बियों के निर्माण के लिए माज़गॉन डॉकयार्ड लिमिटेड और नेवल ग्रुप के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। नौसेना समूह ने साझेदारी के विस्तार के लिए दोनों देशों को धन्यवाद दिया।

फ्रांसीसी नौसेना समूह ने कहा

नौसेना समूह भारत-फ्रांसीसी साझेदारी के विस्तार और भारतीय बेड़े और उसके प्रदर्शन को विकसित करने के लिए और अधिक महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का पता लगाने के उद्देश्य से घोषणा के लिए भारतीय और फ्रांसीसी अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) हमारा साझेदार बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारे द्वारा स्थापित औद्योगिक सहयोग में भारतीय नौसेना के भरोसे का प्रमाण है, और छह पनडुब्बियों के लिए P75 कार्यक्रम के तहत हासिल की गई प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की सफलता की पुष्टि करता है, जो पूरी तरह से MOL द्वारा भारत में निर्मित की गई हैं।

मेक इन इंडिया की नीति पर आधारित है कार्यक्रम

बता दें कि भारत की 'मेक इन इंडिया' नीति P75 कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों पर आधारित है, जिन्हें नौसेना समूह और उसके भारतीय औद्योगिक भागीदारों द्वारा भारतीय नौसेना को आधुनिक नौसेना रक्षा तकनीक प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है।