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    फलस्तीन के विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, द्वि-राष्ट्र समाधान का किया समर्थन; श्रीलंका के राष्ट्रपति और बांग्लादेश के अपने समकक्ष से भी की चर्चा

    Updated: Sat, 20 Jan 2024 09:06 PM (IST)

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बांग्लादेश के अपने नए समकक्ष डॉ. मोहम्मद हसन महमूद से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आज कंपाला में बांग्लादेश के अपने नए समकक्ष विदेश मंत्री डॉ. मोहम्मद हसन महमूद से मिलकर बहुत खुशी हुई। उनकी नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की। उन्होंने बांग्लादेश के अपने नए समकक्ष को दिल्ली आने का न्योता दिया है।

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    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने बांग्लादेशी समकक्ष डॉ. मोहम्मद हसन महमूद से की मुलाकात। फोटोः @DrSJaishankar

    एएनआई, कंपाला। विदेश मंत्री एस जयशंकर 19वें गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) शिखर सम्मेलन के लिए युगांडा की राजधानी कंपाला में हैं। इस बीच शनिवार को उन्होंने अपने फलस्तीनी समकक्ष रियाद अल-मलिकी से मुलाकात की है। जयशंकर ने कहा कि फलस्तीनी समकक्ष के साथ बातचीत के दौरान गाजा में चल रहे संघर्ष पर विस्तृत और व्यापक चर्चा हुई। इसके मानवीय और राजनीतिक आयामों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

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    भारत दो राष्ट्र समाधान का करता रहेगा समर्थन

    उन्होंने कहा कि इजरायल और फलस्तीन मुद्दे का समाधान करने के लिए भारत दो राष्ट्र समाधान का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने भारत के समर्थन का भरोसा दिलाते हुए संपर्क में बने रहने पर सहमति भी व्यक्त की। इससे पहले शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में भी जयशंकर ने द्वि-राष्ट्र समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    गाजा हमारी विशेष चिंता का केंद्रः विदेश मंत्री

    जयशंकर ने कहा कि गाजा हमारी विशेष चिंता का केंद्र है। इस मानवीय संकट के लिए एक स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि सबसे ज्यादा प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिले।

    उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से दुनियाभर के देशों को अपनी चपेट में ले रहा है। ऋण, मुद्रास्फीति और विकास जैसी तीन प्रमुख चुनौतियां भी विकास पर भारी पड़ रही हैं। गंभीर चिंताओं के मूल में दुनिया की वह प्रकृति है जिससे अधिकांश देश जूझ रहे हैं। इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच इंडोनेशिया के विदेश उपमंत्री पहला मंसूरी ने कहा कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 19वें शिखर सम्मेलन में फलस्तीनी राज्य पर समर्थन समेत युद्ध से जुड़े कई ¨बदुओं पर सहमति बनी है।

     यह भी पढ़ेंः  एस जयशंकर ने बोलीविया, अजरबैजान और वेनेजुएला के विदेश मंत्रियों संग की बैठक, द्विपक्षीय के साथ ही स्थानीय एवं वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री से भी मुलाकात

    विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को अपने बांग्लादेशी समकक्ष से भी मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि कंपाला में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ मोहम्मद हसन महमूद से मिलकर खुशी हुई। उनकी नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की। भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। जल्द ही दिल्ली में उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।

    श्रीलंकाई राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से की मुलाकात

    जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की और द्विपक्षीय पहल की प्रगति पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि कहा हमारी द्विपक्षीय पहलों की प्रगति के लिए उनके निरंतर मार्गदर्शन की सराहना करते हैं। भारत की प्रतिबद्धता हमारी पड़ोसी प्रथम और सागर नीति में परिलक्षित होती है। भारत की पड़ोसी प्रथम की नीति अपने निकटतम पड़ोसी देशों के साथ संबंधों के प्रबंधन के प्रति इसके दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करती है। इसका उद्देश्य समूचे क्षेत्र में भौतिक, डिजिटल और परस्पर आवागमन को बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार एवं वाणिज्य को बढ़ाना है।