विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एस जयशंकर ने बोलीविया, अजरबैजान और वेनेजुएला के विदेश मंत्रियों संग की बैठक, द्विपक्षीय के साथ ही स्थानीय एवं वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

By Agency Edited By: Sonu Gupta
Published: Fri, 19 Jan 2024 10:34 PM (IST)

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को बोलीविया अजरबैजान और वेनेजुएला के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान ...और पढ़ें

एस जयशंकर ने बोलीविया, अजरबैजान और वेनेजुएला के विदेश मंत्रियों संग की बैठक। फाइल फोटो।
एस जयशंकर ने बोलीविया, अजरबैजान और वेनेजुएला के विदेश मंत्रियों संग की बैठक। फाइल फोटो।

HighLights

  1. नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल से भी मुलाकात की
  2. तीन दिवसीय यात्रा के लिए नाइजीरिया रवाना होंगे विदेश मंत्री

पीटीआई, कंपाला। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को बोलीविया, अजरबैजान और वेनेजुएला के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान द्विपक्षीय सहित स्थानीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। जयशंकर शुक्रवार से शुरू हुए गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए युगांडा की राजधानी कंपाला में हैं। यहां से वह तीन दिवसीय यात्रा के लिए नाइजीरिया रवाना होंगे।

कई नेताओं से मिले विदेश मंत्री जयशंकर

जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा कि बोलिविया की विदेश मंत्री सेलिंडा सोसा से मिलकर खुशी हुई। विकास सहयोग, पारंपरिक चिकित्सा और जीवन शैली पर चर्चा हुई। अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बायरामोव से द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। वह वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवन गिल से भी मिले। उनसे दोनों देशों के बीच आर्थिक, ऊर्जा और विकास सहयोग पर चर्चा की गई।

 

यह भी पढ़ेंः 'यहां झगड़ा करो वहां बिजनेस करो', चीन पर 9वीं क्लास के छात्र ने विदेश मंत्री से पूछा सवाल, जयशंकर ने हंसते हुए दिया ये जवाब

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल से भी मिले विदेश मंत्री

शिखर सम्मेलन से इतर वह नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल से भी मिले। युगांडा के नेतृत्व में 19वां नाम शिखर सम्मेलन साझा वैश्विक समृद्धि के लिए सहयोग को गहरा करना, विषय पर आयोजित हो रहा है। यह 120 से अधिक विकासशील देशों को महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व के मंच पर एक साथ लाता है।

यह भी पढ़ेंः जयशंकर की सैनिकों के वापसी मुद्दे पर मालदीव के विदेश मंत्री से हुई चर्चा