Inter-Parliamentary Union में भी भारत ने पाक को कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए लताड़ा, उपसभापति हरिवंश की आलोचना
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने गुरुवार को अंतर-संसदीय संघ (IPU) की बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी के विरुद्ध जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और मंच का दुरुपयोग करने के लिए उसकी तीखी आलोचना की।

किगाली, एएनआइ। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने गुरुवार को अंतर-संसदीय संघ (IPU) की बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल द्वारा कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी के विरुद्ध जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल किया और मंच का दुरुपयोग करने के लिए उसकी तीखी आलोचना की। आइपीयू की 145वीं बैठक में हरिवंश ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के विरुद्ध दुष्प्रचार के लिए इस मंच का दुरुपयोग किया है।
पाकिस्तान तत्काल लगाए आतंकवाद पर लगाम
उन्होंने कहा, 'हम दोहराते हैं कि पाकिस्तान तत्काल सीमापार से आतंकवाद पर लगाम लगाए और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करे, गुलाम जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन रोके व वहां की स्थिति में कोई भी ठोस बदलाव करने से बचे और अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करे।' उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मिला था। पाकिस्तानी नेतृत्व संसद में आतंकियों का गुणगान करता है और विडम्बना यह है कि पाकिस्तान खुद को आतंकवाद पीड़ित होने का दावा करता है। यह वह देश है जो अपने आंगन में आतंकियों को पोषित करता है।
सत्र के दौरान कई मुद्दों पर होनी है चर्चा
मालूम हो कि राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन को साल 1857 में स्थापित किया गया था। इसके कुल 178 सदस्य है। यह सांसदों को कूटनीति के माध्यम से शांति, लोकतंत्र और सतत विकास को बढ़ावा देने का अधिकार देता है। इससे पहले संसद के सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि पांच दिन के सत्र के दौरान लिंग संवेदनशील-संसद (Gender Sensitive Parliament), महिला सशक्तिकरण, खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, युद्ध के कारण व्यक्तियों का प्रवास, स्थायी विकास लक्ष्य (SDG) प्राप्त करना, विकास की प्रतिक्रिया, भूख और अकाल जैसे मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
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