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इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी, आसमान में छाया राख का गुबार भारत की ओर बढ़ा; कई उड़ानें रद

Published: Mon, 24 Nov 2025 10:24 PM (IST)Updated: Mon, 24 Nov 2025 10:32 PM (IST)

इथोपिया में लगभग 10 हजार साल बाद ज्वालामुखी फटा है, जिससे आसमान में राख का गुबार छा गया है। वैज्ञानिकों ...और पढ़ें

इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के कारण उड़ानों पर पड़ा असर।

इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के कारण उड़ानों पर पड़ा असर।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इथोपिया में करीब 10 हजार साल बाद ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है। ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद आसमान में राख का गुबार देखने को मिल रहा है। वैज्ञानिकों ने इस घटना को इतिहास में सबसे असाधारण घटना में से एक करार दिया है।

इथियोपिया के ज्वालामुखी से राख का गुबार उत्तरी अरब सागर में फैलने के बाद कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों को रद कर दिया है। वहीं, ज्वालामुखी की गतिविधि से राख के गुबार के कारण एयरलाइंस को ऑपरेशनल मैनुअल की समीक्षा करने, फ्लाइट प्लानिंग और रूट को एडजस्ट करने का आदेश दिया गया है। 

कई उड़ानों को किया गया रद

जानकारी के अनुसार, इथियोपिया में ज्वालामुखी की गतिविधि से राख के गुबार के कारण होने वाली संभावित रुकावटों से निपटने के लिए कई फ़्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। वहीं, भारतीय एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। बताया जा रहा है कि राख का गुबार पूर्व की ओर बढ़ रहा है और सोमवार देर रात तक इसके भारत के कुछ मुख्य इलाकों तक पहुंचने का अनुमान है।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, आकासा एयर, इंडिगो और KLM उन एयरलाइंस में से हैं जिन्होंने ज्वालामुखी की राख की समस्या के कारण कुछ फ़्लाइट्स कैंसिल कर दीं। हजारों साल में पहली बार फटने के कारण इस ज्वालामुखी के राख का गुबार लाल सागर से होते हुए यमन और ओमान की ओर चला गया। यह बादल अब उत्तरी अरब सागर पर फैल गया है। 

  

डीजीसीएम ने एयरालाइंस के लिए जारी की एडवाईजरी

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे राख से प्रभावित इलाकों से पूरी तरह बचें, आधिकारिक आदेश के अनुसार, फ्लाइट प्लानिंग रूट और फ्यूल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए।

वहीं, एयरलाइंस से यह भी कहा गया है कि राख मिलने की किसी भी शक वाली बात की तुरंत रिपोर्ट करें, जिसमें इंजन की परफॉर्मेंस में गड़बड़ी या केबिन का धुआं या बदबू शामिल है।

डीजीसीए ने कहा कि है कि अगर ज्वालामुखी की राख एयरपोर्ट के ऑपरेशन पर असर डालती है, तो संबंधित ऑपरेटर को तुरंत रनवे, टैक्सीवे की जांच करनी चाहिए।

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