नॉमपेन्ह, आइएएनएस। कंबोडिया में बिना विपक्षी पार्टी के रविवार को आम चुनाव संपन्न हुआ। देश के मुख्य विपक्षी दल कंबोडिया नेशनल रेस्क्यू पार्टी (सीएनआरपी) को सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में सरकार गिराने की साजिश रचने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। ऐसे में वर्ष 1985 से देश की सत्ता संभाल रहे प्रधानमंत्री हुन सेन का जीतना लगभग तय है। हाल में बनी पार्टियों के नौ उम्मीदवार ही उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

संसद की 125 सीटों के लिए हुए इस चुनाव को कई अंतराष्ट्रीय संगठनों ने छल और दिखावा करार दिया है। ह्यूमन राइट्स वॉच की एशियाई शाखा के उपनिदेशक फिल राबर्टसन ने कहा, 'यह चुनाव असल में कंबोडिया के लोकतंत्र का जनाजा है।' संयुक्त राष्ट्र के साथ अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी चुनाव के औचित्य पर प्रश्न उठाया है।

तीनों ने देश के चुनाव आयोग को दी जा रही मदद वापस लेने और नए प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी है। कंबोडिया सरकार ने हालांकि चुनाव में किसी तरह की धांधली से इन्कार किया है। वर्ष 1993 में लोकतंत्र की स्थापना के बाद से देश में यह छठा आम चुनाव है।

 

Posted By: Bhupendra Singh