पावर ग्रिड पर हमले से अंधेरे में डूबा बर्लिन, चरमपंथी संगठन पर लगा आरोप; लाखों लोग प्रभावित
दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में बिजली ग्रिड पर संदिग्ध आगजनी से हजारों घर अंधेरे में डूब गए हैं। एक वामपंथी चरमपंथी संगठन, वोल्केनो ग्रुप ने जीवाश्म ईंधन उद् ...और पढ़ें

लगभग 35 हजार घरों और 1,900 व्यावसायिक संस्थाओं पर प्रभाव (फोटो: रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम बर्लिन में आगजनी की घटना ने जर्मनी की राजधानी के हजारों लोगों को बिजली विहीन कर दिया है। संभवत: यह दूरदराज के वामपंथी चरमपंथी संगठन के हमले का परिणाम है। ग्रिड कंपनी स्ट्रोमनेट्ज बर्लिन ने बताया कि संदिग्ध आगजनी के कारण 45 हजार घरों को 8 जनवरी तक बिजली के बिना रहना पड़ सकता है।
ग्रिड कंपनी ने कहा कि बिजली बहाल करने के प्रयास जारी हैं, जिसमें लगभग 35 हजार घरों और 1,900 व्यावसायिक संस्थाओं पर अभी भी प्रभाव पड़ा हुआ है। स्थानीय मीडिया ने एक पत्र प्रकाशित किया, एक वामपंथी संगठन वोल्केनो ग्रुप ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। यह कहते हुए कि इसके कार्य जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा उद्योग के खिलाफ थे।
बर्लिन की आंतरिक मामलों की मंत्री इरिस स्प्रेंगर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''जिम्मेदारी का दावा करने वाला पत्र सुरक्षा अधिकारियों द्वारा प्रामाणिक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। मैं बर्लिनवासियों और शहर के आगंतुकों पर इस अमानवीय हमले की सबसे कड़ी निंदा करती हूं। जांच जारी है।''
सितंबर में दो खंभों पर संदिग्ध आग ने लगभग 50 हजार घरों की बिजली को गायब कर अंधेरे में डुबो दिया। स्थानीय मीडिया ने कहा था कि यह वोल्केनो ग्रुप के टेस्ला की गिगाफैक्टरी के पावर सप्लाई पर 2024 में किए गए हाई-प्रोफाइल हमले के समान था।

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