यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
11 महीने में सांप्रदायिक हिंसा के 2400 मामले... रिपोर्ट ने खोली यूनुस सरकार की पोल, हिंदुओं का बनाया जा रहा निशाना
बांग्लादेश में पिछले 330 दिनों में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की लगभग ढाई हजार घटनाएं हुई हैं। हिंदू ...और पढ़ें

HighLights
- सांप्रदायिक हिंसा की 2,442 घटनाएं
- सामूहिक दुष्कर्म से लेकर पूजा स्थलों पर हमला
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले
पीटीआई, ढाका। बांग्लादेश में गत पांच अगस्त को शेख हसीना सरकार अपदस्थ कर दी गई थी और इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार गठित हुई थी। तब से 11 महीनों के दौरान देश में अल्पसंख्यक समुदायों खासतौर पर हिंदुओं को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
अल्पसंख्यकों के संगठन हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में बताया कि देश में पिछले 330 दिनों में सांप्रदायिक हिंसा की करीब ढाई हजार घटनाएं हुईं। संगठन ने यहां नेशनल प्रेस क्लब में कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों ने चार अगस्त, 2024 से अगले 330 दिनों में सांप्रदायिक हिंसा की 2,442 घटनाओं का सामना किया।
4 से 20 अगस्त तक ज्यादा घटनाएं
इनमें से ज्यादातर हिंसक घटनाएं चार अगस्त से 20 अगस्त के बीच हुईं। परिषद ने बयान में बताया कि हिंसा की प्रकृति बेहद गंभीर थी, जिसमें हत्या, सामूहिक दुष्कर्म से लेकर पूजा स्थलों, घरों और दुकानों को निशाना बनाने के साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तारियां और संगठनों से अल्पसंख्यकों को बाहर करना शामिल है।
पीड़ितों में पुरुष, महिलाएं और अल्पसंख्यक समूहों के किशोर शामिल हैं। इन घटनाओं में लिप्त अपराधियों में से ज्यादातर को न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया। हालांकि अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं को मानने से इन्कार किया है और राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।
हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय
- हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के वरिष्ठ सदस्य नार्मल रोसारियो ने कहा कि अंतरिम सरकार की तरफ से चलाए जा रहे सुधार के प्रयासों से अल्पसंख्यक समुदायों को बाहर रखा गया है। जबकि एक अन्य सदस्य निमचंद्र भौमिक ने कहा कि वास्तव में सरकार अल्पसंख्यकों पर दमन की घटनाओं की अनदेखी करती है। हम न्याय की मांग करते हैं।
- 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। कुल आबादी में 7.95 प्रतिशत हिंदू हैं। इसके बाद बौद्ध (0.61 प्रतिशत) और ईसाई (0.30 प्रतिशत) हैं।
