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    बांग्लादेश में हिंदू नेता को चुनाव लड़ने से रोका, शेख हसीना की सीट पर गोबिंद का नामांकन खारिज

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 09:44 PM (IST)

    बांग्लादेश में हिंदू नेता गोबिंद चंद्र प्रमाणिक का नामांकन शेख हसीना की सीट से खारिज कर दिया गया है। हिंदू नेता गोबिंद को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया, ...और पढ़ें

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    बांग्लादेश में हिंदू नेता को चुनाव लड़ने से रोका (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होना है। इससे पहले यहां एक बार फिर बवाल देखने को मिल रहा है। दरअसल, यहां हिंदू बहुल गोपालगंज-3 सीट पर
    एक हिंदू नेता को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है।

    संसदीय चुनावों के लिए गोपालगंज-3 सीट से हिंदू नेता गोबिंद चंद्र प्रमाणिक ने पर्चा दाखिल किया था, लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने शनिवार को उसका नामांकन वापस कर दिया।

    बता दें कि गोपालगंज-3 सीट पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पारंपरिक सीट है। यहां 50% से ज्यादा हिंदू वोटर्स हैं। यहां से गोबिंद चंद्र निर्दलीय चुनाव चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किए थे।

    गोबिंद चंद्र पेशे से वकील हैं और बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोत (BJHM) नामक संगठन के महासचिव भी हैं। BJHM एक हिंदुत्ववादी गठबंधन है, जिसमें 23 संगठन जुड़े हैं। 

    क्यों रद हुआ नामांकन?

    गोबिंद नेबताया कि बांग्लादेश में एक प्रावधान है जिसके हिसाब से एक निर्दलीय उम्मीदवार को अपने इलाके के 1% वोटरों के साइन लाने होते हैं। इस नियम के तहत गोबिंद ने 1% वोटरों के हस्ताक्षर ले आए थे। लेकिन बाद में उन वोटरों ने रिटर्निंग ऑफिसर से आकर कहा कि उनके साइन लिए ही नहीं गए थे।

    गोबिंद चंद्र का आरोप है कि खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकर्ताओं ने वोटरों पर ऐसा करने का दबाव बनाया। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी हस्ताक्षरों को अमान्य घोषित करते हुए नामांकन रद कर दिया।

    गोबिंद ने दावा किया कि वह निर्दलीय चुनाव इसलिए लड़ना चाहते थे, क्योंकि उन्हें अपनी जीत पर भरोसा था। गोबिंद के मुताबिक, गोपालगंज के 3 लाख मतदाताओं में से 51% हिंदू हैं। खालिदा जिया की पार्टी BNP ने उन्हें रास्ते से इसलिए हटाया क्योंकि, उसके जीतने की संभावना बिल्कुल भी नहीं थी।

    गोबिंद ने कहा कि मैं चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करूंगा। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं कोर्ट भी जाऊंगा।