शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में भारत की चार परियोजनाओं का क्या होगा? यूनुस सरकार ने कर दिया साफ
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद कयास लग रहे थे कि भारत द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं का क्या होगा? बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के वित्त सलाहकार सलाहुद्दीन अहमद ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा से मुलाकात के दौरान स्थिति स्पष्ट कर दी है। सलाहुद्दीन ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई। इस दौरान भारत ने भी बांग्लादेश को दी जाने वाली ऋण सुविधाओं को न रोकने का आश्वासन दिया है।

पीटीआई, ढाका। Bangladesh Commits To Continuing India Funded Projects: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के एक शीर्ष सलाहकार ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा वित्तपोषित परियोजनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं और देश में नए प्रशासन के तहत भी ये जारी रहेंगी। उन्होंने भारत के साथ सहयोग और संबंध प्रगाढ़ करने की उम्मीद भी जताई है।
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, वित्त सलाहकार सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि वह बांग्लादेश यहां भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा के साथ अपनी बैठक के दौरान भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की आशा करते हैं।
भारत की परियोजनाएं जारी रहेंगी
अहमद ने आगे कहा कि पहले से ही उनकी (भारत) जो परियोजनाएं हैं, वे बड़ी परियोजनाएं हैं और हम इन्हें जारी रखेंगे। जो कुछ भी (परियोजनाएं) हमारे पास हैं, उन्हें नहीं रोकेंगे और हम उन परियोजनाओं के वित्तपोषण और कार्यान्वयन के बारे में चर्चा करेंगे।'
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के वित्त सलाहकार की यह टिप्पणी गत पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद भारत की ओर से वित्तपोषित परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन को लेकर चिंताओं के बीच आई है।
किसी भी परियोजना का फंड नहीं रोका है
भारतीय उच्चायुक्त वर्मा ने कहा कि नई दिल्ली ने बांग्लादेश को दी जाने वाली किसी भी ऋण सुविधा को नहीं रोका है, क्योंकि वे बड़ी परियोजनाएं हैं। इसलिए ठेकेदार परियोजनाओं को शुरू करने के लिए वापस आएंगे।' बैठक में दोनों पक्षों में मौजूदा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
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