चीन को गुस्सा करने वाले अमेरिकी प्लान पर आस्ट्रेलिया ने कहा- 1980 से ही B-52 बमवर्षकों की हो रही तैनाती
US B 52 bomber plan उत्तरी आस्ट्रेलिया में बमवर्षकों की तैनाती वाले अमेरिकी प्लान से चीन के गुस्सा होने की बात कही जा रही है। इसपर आज आस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि 1980 से ही बमवर्षक यहां आ रहे हैं।

कैनबरा, एजेंसी। US B 52 bomber plan: B-52 सुविधाओं को अपग्रेड करने को लेकर आस्ट्रेलिया की ओर से खास प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। दरअसल ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका के इस कदम से चीन भड़क सकता है। वहीं, आस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने कहा कि परमाणु क्षमता वाले अमेरिकी बमवर्षकों को 1980 से ही यहां तैनात किया जा रहा है।
टिंडल एयरबेस पर 6 बमवर्षकों को तैनात करने की योजना
इसी सप्ताह चीन ने अमेरिका के प्लान की आलोचना की थी जिसके तहत आस्ट्रेलिया के उत्तरी इलाके में टिंडल एयरफोर्स बेस पर लंबी दूरी के 6 बाम्बर तैनात किए जाएंगे। चीन का कहना है कि अमेरिका की इस पहल से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर असर होगा। चीन ने क्षेत्र में हथियारों में भी रेस की संभावना जताई।
बता दें कि चीन ने अमेरिका के इस प्लान पर क्रोध जाहिर किया। इसने कहा है कि अमेरिका आस्ट्रेलिया में बी-52 बमवर्षकों की तैनाती से हथियारों की नई रेस को भड़का रहा है। चीन ने यह भी चेताया कि अमेरिकी कदम से क्षेत्र में तनाव के भड़कने का खतरा है।
1980 से ही अमेरिकी बमवर्षकों का आस्ट्रेलिया आना है जारी
रक्षा मंत्री रिचर्ड्स मार्ल्स से अपग्रेड के भड़काऊ होने की संभावना को लेकर सवाल किया गया था। एयर कोआपरेशन प्रोग्राम के तहत अरबों डालर के अमेरिकी निवेश की बात है, जो दोनों देशों के बीच एयर एक्सरसाइज व ट्रेनिंग एक्टीविटी पर निर्मित है। मार्ल्स ने बताया, 'टिंडल में अमेरिकी निवेश से यह आस्ट्रेलिया के लिए और भी उचित मददगार साबित होगा।' उन्होंने यह भी कहा, 'अमेरिकी बमवर्षक 1980 से आस्ट्रेलिया आ रहे हैं। 2005 से ही इन्हें आस्ट्रेलिया में ट्रेनिंग दी जा रही है।'
रक्षा विश्लेषक माल्कोम डेविस ने कहा कि अमेरिकी वायु सेना अधिक समय तक टिंडल एयरबेस से B-52 को आपरेट करने में सक्षम है। इसमें पार्किंग, हंगर्स व ईंधन स्टोरेज टैंक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, 'इसका मतलब यह भी है कि संकट में आस्ट्रेलिया उन कुछ चुनिंदा इलाकों में है जहां से B-52s को अधिक आसानी से आपरेट किया जा सकेगा।' गुआम में अमेरिकी प्रशांत सैन्य बेस की तरह ही टिंडल है जो चीन की लंबी दूरी वाले मिसाइल की रेंज में है।
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