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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुलिस ने रस्सी काटी, खाना-पानी बंद किया; खदान में तड़प-तड़प कर हो गई 100 मजदूरों की मौत

Published: Tue, 14 Jan 2025 03:10 AM (IST)Updated: Tue, 14 Jan 2025 03:37 AM (IST)

दक्षिण अफ्रीका की एक सोने की खदान में 100 मजदूरों की मौत हो गई है। अभी कई मजदूर अंदर फंसे ...और पढ़ें

दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में 100 लोगों की मौत। ( सांकेतिक फोटो )
दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदान में 100 लोगों की मौत। ( सांकेतिक फोटो )

HighLights

  1. नवंबर महीने से खदान में फंसे थे ये मजदूर।
  2. पुलिस कार्रवाई के बाद बाहर नहीं निकले।
  3. आशंका- खाना-पानी बंद होने से गई जान।

एपी, जोहान्सबर्ग। दक्षिण अफ्रीका में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां अवैध सोने की खदान में फंसे 100 मजदूरों की मौत की खबर है। यह मजदूर कई महीनों से खदान में फंसे थे। आशंका है कि भूख और प्यास की वजह से इन मजदूरों की मौत हुई है।

खदान से करीब 26 अन्य मजदूरों को जीवित बचा लिया गया है। वहीं अब तक कुल 18 शवों को बाहर निकालने में कामयाबी मिली है। यह घटना स्टिलफोंटेन शहर के निकट बफेल्सफोंटेन में स्थित सोने की खदानों में हुई है। पहले शव के पोस्टमार्टम से पता चला है कि उसकी मौत भूख की वजह से हुई है।

वीडियो में दिखे शव

माइनिंग अफेक्टेड कम्युनिटीज यूनाइटेड इन एक्शन ग्रुप के प्रवक्ता सबेलो मंगुनी ने जानकारी दी कि कुछ मजदूरों को बचाया गया है। उनके साथ मोबाइल फोन में दो वीडियो को बाहर भेजा गया। इसमें प्लास्टिक में लिपटें दर्जनों शव दिखाई दे रहे हैं। मंगुनी ने कहा कि खदान में कम से कम 100 लोगों की मौत हुई है। आशंका है कि सभी मौतें भूख और प्यास के कारण हुई हैं। अब तक 18 शवों को बाहर निकाला जा चुका है।

पुलिस ने चलाया था अभियान

दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में अवैध खनन आम बात है। दरअसल, बड़ी कंपनियां कम लाभ वाली खदानों को एक समय के बाद बंद कर देती हैं। इसके बाद स्थानीय खनिकों के समूह अवैध तौर पर इन खदानों में सोने के बचे भंडार को खोजते हैं। नवंबर महीने में दक्षिण अफ्रीका की पुलिस ने इन अवैध खनिकों को निकालने के लिए एक अभियान चलाया।

पुलिस पर लगा बड़ा आरोप

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने खदान को सील करने की कोशिश की। इसके बाद से यहां मजदूरों और पुलिस के बीच गतिरोध बना रहा। पुलिस का कहना है कि मजदूर गिरफ्तारी के डर से बाहर नहीं आना चाहते थे।

वहीं मंगुनी का कहना है कि पुलिस ने खदान से बाहर निकलने में इस्तेमाल होने वाली रस्सियों को हटा दिया। इसके बाद सभी मजदूर अंदर ही फंस गए। पुलिस ने खदान के अंदर भोजन की सप्लाई भी रोक दी, ताकि सभी मजदूर बाहर निकल आए। मगर अब यह सामने आ रहा है कि भूख-प्यास की वजह से मजदूरों की जान गई है।

पुलिस बोली- नहीं पता कितने शव अंदर हैं?

पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर सेबाटा मोकग्वाबोन का कहना है कि सोमवार को एक बार फिर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मगर अभी इस बात की पुष्टि नहीं है कि अंदर कितने शव हैं और कितने लोग जीवित बचे हैं। मंगुनी का कहना है कि खदान में अलग-अलग जगहों पर कम से कम 500 खनिक अभी अंदर हैं। बता दें कि यह खदान दक्षिण अफ्रीका की सबसे गहरी खदानों में से एक है। इसकी गहराई 2.5 किलोमीटर है।

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