अर्नहेम, एएनआइ। नीदरलैंड की अर्नहेम सिटी का सिस्टर सिटी वुहान से सहयोग का रिश्ता टूट गया है। चीन के बंदरगाह शहर वुहान से संबंध तोड़ने का कारण उइगर मुसलमानों का नरसंहार होना है।

एनएल टाइम्स के अनुसार एक चौंकाने वाले फैसले में अर्नहेम की नगर परिषद ने बहुमत से मेयर की उस योजना के खिलाफ मतदान किया जिसमें योजनाबद्ध तरीके से वुहान के साथ उसके संबंधों को जारी रखा जाना था। नीदरलैंड के कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने तत्काल प्रभाव से इन संबंधों को तोड़ने के लिए वोट किया।

चर्चा के दौरान राजनीतिक दलों ने कहा कि चीन में बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है। चीन में उइगर मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति दिन ब दिन बद से बदतर होती जा रही है। इन हालात में चीन के शहरों से संबंध रखना अनैतिक होगा। डच संसद के निचले सदन ने भी चीन के उइगर लोगों के साथ अत्याचार को नरसंहार करार दिया है। नीदरलैंड के पचास से अधिक सांसदों ने डैमोक्रैट प्रस्तावों को आत्मसात किया है।

चीन ने 220 एकड़ में बनाया डिटेंशन सेंटर

चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम आलोचनाओं के बावजूद यहां नए डिटेंशन सेंटर का निर्माण किया गया है। इस डिटेंशन इतना बड़ा है कि यहां दस हजार से ज्यादा लोग रह सकते हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा डिटेंशन सेंटर है जो वेटिकन सिटी से दोगुना बड़ा है। इसमें चीन ने 240 हिरासत केंद्र बना रखे हैं। कुछ हिरासत केंद्रों में नई इमारतें भी बन रही हैं। यह न्यूज एजेंसी एपी का अनुमान है क्योंकि चीन के अधिकारियों ने इस बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

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Edited By: Neel Rajput