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    अफगानिस्‍तान की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल सुहैला सिद्दिक का निधन, दूसरी बार जीत न सकीं कोविड-19 से जंग

    By Monika MinalEdited By:
    Updated: Mon, 07 Dec 2020 01:38 PM (IST)

    इस साल के शुरुआत में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आई अफगानिस्‍तान की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल सुहैला सिद्दिक दूसरी बार इस घातक संक्रमण का सामना नहीं ...और पढ़ें

    अफगानिस्‍तान की पहली महिला जनरल सुहैला सिद्दिक का निधन

    काबुल, एजेंसी। अफगानिस्‍तान की पहली महिला लेफ्टिनेंट जनरल और मशहूर सर्जन सुहैला  सिद्दिक का निधन कोविड-19 संक्रमण के कारण शुक्रवार को हो गया। देश की महिलाओं के लिए रोल मॉडल सुहैला अफगान आर्मी में थी और तालिबान शासन के तहत अफगान सिविल वॉर के तहत मेडिसीन का प्रैक्‍टिस किया था। वो देश की महिलाओं के लिए रोल मॉडल थीं।  

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    अल्‍जाइमर से थीं पीड़ित

    कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सरदार मोहम्‍मद दाउद खान मिलिट्री हॉस्‍पीटल में लेफ्टिनेंट जनरल सुहैला सिद्दिक ने दम तोड़ दिया। इस संक्रमण के चपेट में वे इस साल के शुरुआत में भी आई थीं लेकिन फिर स्‍वस्‍थ हो गई थी। वे काबुल में 400 बेड के मिलिट्री हॉस्‍पीटल की डायरेक्‍टर थीं। तालिबान के बाद हो रहे बदलाव के दौरान इस पद के लिए नियुक्‍त की गई दो महिलाओं में से एक सुहैला थीं। जनरल सिद्दिक के नाम से लोकप्रिय सुहैला अल्‍जाइमर से पीड़ित थीं। हालांकि उनकी वास्‍तविक जन्‍मतिथि की जानकारी किसी को नहीं है लेकिन अनुमान लगाया गया कि अभी वे 80 या 81 वर्ष की रहीं होंगी। 

    सेना की छोटी रैंक से पहुंची ऊंचे मुकाम पर

    जनरल सिद्दिक ने देश की सेना में सबसे छोटी रैंक से इतना ऊंंचा मुकाम हासिल किया। देश में सोवियत हमले, अफगान गृह युद्ध और तालिबान के शासन के दौरान वे मिलिट्री अस्पताल में थी। 2004 तक स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान संभालने के दौरान उन्होंने पोलियो वैक्सीन लगाने के अभियान का संचालन देश भर में करवाया। 1980 के दौरान सोवियत-अफगान युद्ध चरम पर था और उस वक्‍त उन्हें अफगान सेना में सर्जन जनरल के पद पर प्रमोशन मिला। जंग में घायल सैनिकों की उन्‍होंने इलाज के साथ सेवा भी की।

    मॉस्‍को से हासिल की डॉक्‍टरेट की डिग्री

    जनरल सुहैला सिद्दिक का जन्‍म संभवत: 1938 में हुआ था। काबुल में जन्‍मी सुहैला ने हाई स्‍कूल और फिर काबुल यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्‍त की। उस वक्‍त उनका देश शीत युद्ध से जूझ रहा था। इसके बाद स्‍कॉलरशिप के तहत वे कई सालों तक मॉस्‍को में रहीं और पढ़ाई की। डॉक्‍टरेट की डिग्री के साथ वे वापस अफगानिस्‍तान आई ।

    सुहैला के पिता कंधार के गर्वनर थे और वे छह बहनें थीं। उनकी शिक्षा दीक्षा में पिता का बहुत बड़ा योगदान है। वास्‍तव में सुहैला बाराकजाई वंशज की थीं जिनका अफगानिस्‍तान पर 19वीं और 20 वीं सदी के दौरान  100 से अधिक वर्षों तक शासन रहा। जनरल सिद्दिक अविवाहित रहीं। वर्ष 1992 में कम्‍युनिस्‍ट सरकार का शासन खत्‍म होने के बाद जनरल सिद्दिक को अस्‍पताल में दोबारा बहाल किया गया। तत्‍कालीन रक्षा मंत्री अहमद शाह मसूद ने उनसे व्‍यक्‍तिगत तौर पर अस्‍पताल के संचालन का आग्रह किया था।