Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    यमन में सरकारी सेना ने एसटीसी से मुकल्ला शहर छीना, यूएई ने स्थिति पर गंभीर चिंता जताई

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 02:00 AM (IST)

    यमन की सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा है कि उसने एसटीसी के लड़ाकों को खदेड़कर मुकल्ला शहर का कब्जा ले लिया है। यह शहर हद् ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    यमन में सरकारी सेना ने एसटीसी से मुकल्ला शहर छीना (फोटो- रॉयटर)

    यटर, सना। यमन की सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा है कि उसने एसटीसी के लड़ाकों को खदेड़कर मुकल्ला शहर का कब्जा ले लिया है। यह शहर हद्रामाउत प्रांत की राजधानी है और यहां पर देश के पूर्वी भाग का प्रमुख बंदरगाह है।

     इस शहर पर यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (एसटीसी) ने दिसंबर में कब्जा किया था। लेकिन एसटीसी अभी भी देश के बड़े हिस्से पर काबिज है। ईरान समर्थित हाउती संगठन देश के एक अन्य हिस्से पर काबिज है।

     यमन में छिड़ी लड़ाई में अरब जगत के दो शक्तिशाली मित्र देशों के हित टकरा रहे हैं और वे आमने-सामने आ गए हैं। सऊदी अरब मान्यता प्राप्त सरकार के साथ खड़ा है तो यूएई एसटीसी के साथ है।

     जबकि दोनों देशों ने 2014 में हाउती विद्रोहियों से यमन को बचाने के लिए साथ मिलकर वहां हस्तक्षेप किया और लंबी लड़ाई के बाद 2022 में उनका हाउती विद्रोहियों से समझौता हुआ था। लेकिन दिसंबर में मुकल्ला पर एसटीसी के कब्जे ने यमन के अंदरूनी समीकरण को फिर बिगाड़ दिया और वहां पर लड़ाई शुरू हो गई।

     ताजा संघर्ष में सरकारी सेना को आगे बढ़ने से रोकने के लिए एसटीसी लड़ाकों ने हद्रामाउत प्रांत को अदन से जोड़ने वाली सड़क पर अवरोध खड़े कर दिए हैं। साथ ही एसटीसी ने सऊदी अरब समर्थित सैन्य बल को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है।

     सऊदी अरब और एसटीसी ने एक-दूसरे पर स्थिति को बिगाड़ने का आरोप लगाया है। जबकि यूएई ने यमन की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है और संबद्ध पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

     यमन के राष्ट्रपति मंडल के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने सऊदी अरब से अपील की है कि वह मामले को शांत करने के लिए संबद्ध पक्ष के नेताओं की बैठक बुलाए।

     जबकि अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर का इलाका हाउती लड़ाकों के कब्जे में है। हाउती ने इस इलाके का आवागमन गुरुवार से ही रोक रखा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले हवाई अड्डे पर यूएई से आने वाले विमानों पर रोक लगा दी गई है।