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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका ने कैसे ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर मचाई भारी तबाही? हमले के बाद की ये तस्वीरें दे रहीं गवाही

Published: Sun, 22 Jun 2025 06:32 PM (IST)Updated: Sun, 22 Jun 2025 06:44 PM (IST)

संपूर्ण फोर्डो संयंत्र पर्वतीय स्थल के नीचे है। ये पूरा परमाणु रिएक्टर भूमिगत है, यही कारण है कि संयुक्त राज्य अमेरिका को बंकर-बस्टर हथियारों के साथ वहां प्रवेश करना पड़ा।

फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर अमेरिका ने मचाई तबाही (Photo Credit- Maxar)

फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर अमेरिका ने मचाई तबाही (Photo Credit- Maxar)

जेएनएन, डिजिटल डेस्क। इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग में अमेरिका की एंट्री हो गई और उसने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों इस्फहान, नतांज और फोर्डो पर सटीक हमले किए। इन हमलों में ईरान को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी गवाही सैटेलाइट तस्वीरें दे रही हैं।

कोम के उत्तर-पूर्व में मौजूद फोर्डो ईंधन संवर्धन सयंत्र की हाई क्वालिटी की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की गई हैं, जिनमें हमले से पहले और उसके बाद की कहानी बताई गई है। तस्वीरों से पता चलता है कि प्लांट तक जाने के लिए कई सड़के थीं, कई ऐसे प्वाइंट्स थे जहां से प्लांट के अंदर जाया जा सकता था और इसके एंट्री प्वाइंट पर कई वाहन भी खड़े दिखते हैं। तो वहीं, हमले के बाद की तस्वीरों में जमीन अंदर की ओर धंस गई और सुरंग के एंट्री गेट मिट्टी से सील कर दिए गए।

ईरान ने क्या कहा?

वहीं, ईरान के सरकारी प्रसारक के उप-राजनीतिक प्रमुख हसन अबेदिनी ने कहा कि ईरान ने कुछ समय पहले तीनों स्थलों को खाली कर दिया था। उन्होंने कहा, "परमाणु केंद्रों से समृद्ध यूरेनियम भंडार को स्थानांतरित कर दिया गया है और वहां कोई भी ऐसी सामग्री नहीं बची है, जिसे निशाना बनाए जाने पर विकिरण हो और जो हमारे देशवासियों के लिए हानिकारक हो।"

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हमले से पहले फोर्डो न्यूक्लियर साइट

20 जून को डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी दो हफ्ते की डेडलाइन

20 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिडिल ईस्ट संकट में शामिल होने या न होने का फैसला करने के लिए दो सप्ताह की समयसीमा मांगी। हालांकि इसके एक दिन बाद ही बी-2 बमवर्षक विमानों को अपने टारगेट की ओर बढ़ते देखा गया। इसके अगले दिन ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने फोर्डो के साथ-साथ तीन ईरानी परमाणु ठिकानों पर बहुत ही सफल हमला किया।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से यह भी कहा कि फोर्डो पर छह बंकर-बस्टर बम गिराए गए, जबकि दूसरे परमाणु ठिकानों पर 30 टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) का कहना है कि ईरान ने फोर्डो संयंत्र में 83.7 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम को समृद्ध किया है। परमाणु बम बनाने के लिए कुल 90 प्रतिशत शुद्धता की जरूरत होती है।

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