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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Israel Hamas War: 'एक बार आप बर्बरता देखें', हमास हमले की निंदा नहीं करने पर इजरायली दूत ने की UNSC की आलोचना

By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
Published: Sat, 11 Nov 2023 04:35 PM (IST)

हमास ने सात अक्टूबर को इजरायल में हमला किया था जिसमें सैकड़ों निहत्थे नागरिकों की मौत हुई थी और बड़ी ...और पढ़ें

संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत एर्दान इजरायल और हमास के बीच युद्ध पर चर्चा में शामिल हुए। (फोटो- एपी)
संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत एर्दान इजरायल और हमास के बीच युद्ध पर चर्चा में शामिल हुए। (फोटो- एपी)

एएनआई, न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि गिलाद एर्दान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की आलोचना की। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इजरायल में हमास हमले की निंदा नहीं की, जिस वजह से इजरायली प्रतिनिधि ने ये आलोचना की है।

हमास हमले में सैकड़ों इजरायली की मौत

हमास ने सात अक्टूबर को इजरायल में हमला किया था, जिसमें सैकड़ों निहत्थे नागरिकों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। इसके जवाब में इजरायल ने हमास को खत्म करने के लिए गाजा पट्टी में हमले शुरू कर दिए। इस वजह से पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति को लेकर यूएनएससी की बैठक बुलाई गई थी।

इजरायली दूत ने यूएनएससी की बैठक को किया संबोधित

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए, कहा कि हम सात अक्टूबर का दिन कभी नहीं भूलेंगे। यह काफी पवित्र दिन है। उन्होंने कहा कि यह वह दिन है जिस दिन भगवान ने दुनिया के निर्माण के बाद विश्राम किया था।

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इजरायली दूत ने क्रिस्टालनाचट होलोकॉस्ट का किया जिक्र

इजरायली दूत ने 1938 के क्रिस्टालनाचट होलोकॉस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि आज से ठीक 85 साल पहले यहूदी लोगों के इतिहास में एक और दर्दनाक अत्याचार दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि नौ और 10 नवंबर, 1938 को जर्मनी और ऑस्ट्रिया के यहूदी समुदायों को नाजियों का अत्याचार सहना पड़ा था।

इजरायली दूत ने यूएनएससी की आलोचना की

इजरायली दूत ने यूएनएससी से आग्रह किया कि उन्हें सात अक्टूबर की घटना को यहां दिखाने का मौके दिया जाए। उन्होंने कहा कि एक बार आप खुद अपनी आंखों से इजरायल में हए बर्बरता को देखें, जिसे हमास के आतंकियों ने खुद ही कैद किया था।

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इजरायली दूत ने कहा कि हमास ने पिछले 16 वर्षों में गाजा को पूरी तरह से आतंक का अड्डा बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमास ने डॉक्टर्स और मरीज को अपना मानव ढाल बना लिया है।