Iran: सलमान रुश्दी पर हमला करने वाले शख्स को ईरान में किया जाएगा सम्मानित, हमलावर को मिलेगी जमीन
पिछले वर्ष अगस्त में भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले की भले ही चौतरफा निंदा हुई हो लेकिन ईरान में रुश्दी के मजहबी कट्टरपंथी लोगों द्वारा हमलावर के कसीदे पढ़े जा रहे हैं और जमकर तारीफ की जा रही हैं।

दुबई, रायटर्स। पिछले वर्ष अगस्त में भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर हुए जानलेवा हमले की भले ही चौतरफा निंदा हुई हो, लेकिन ईरान में रुश्दी के मजहबी कट्टरपंथी लोगों द्वारा हमलावर के कसीदे पढ़े जा रहे हैं और जमकर तारीफ की जा रही हैं। इतना ही नहीं यहां की एक फाउंडेशन हमलावर अमेरिकी शिया मुस्लिम हादी मातर को सम्मानित भी करेगी।
ईरानी फाउंडेशन हमलावर को देगी 1,000 वर्ग मीटर कृषि भूमि
ईरान के सरकारी टीवी ने अपने टेलीग्राम चैनल पर जानकारी दी है कि पिछले वर्ष उपन्यासकार सलमान रुश्दी को गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी को ईरानी फाउंडेशन 1,000 वर्ग मीटर कृषि भूमि देगी। फाउंडेशन के सचिव मोहम्मद इस्माइल ज़रेई ने कहा कि फाउंडेशन रुश्दी के हमलावर की बहादुरी की कायल है। एक आंख और एक हाथ गंवाकर रुश्दी अब जीवित लाश से अधिक नहीं है। इस काम को अंजाम देने के लिए हमलावर या उसके कानूनी प्रतिनिधि को 1,000 वर्ग मीटर कृषि भूमि दी जाएगी।
सलमान रुश्दी ने 9 वर्ष छिपकर बिताएं
बता दें कि पश्चिमी न्यूयॉर्क में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के मंच पर हुए हमले के बाद 75 वर्षीय रुश्दी एक आंख और एक हाथ गंवा चुके हैं। इस मामले में न्यूजर्सी के शिया मुस्लिम अमेरिकी हादी मातर को हिरासत में लिया गया है। पुलिस जांच में पाया गया है कि हमलावर शिया कट्टरपंथ और ईरान की इस्लामिक रिवोल्युशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से प्रभावित था। रुश्दी कार्यक्रम में कलात्मक स्वतंत्रता पर व्याख्यान देने वाले थे।
मालूम हों कि 33 वर्ष पहले "द सैटेनिक वर्सेज" उपन्यास लिखने के बाद भारतीय मूल के लेखक के खिलाफ शिया बहुल ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी द्वारा उनकी हत्या के लिए फतवा जारी किया गया था। रुश्दी के 'द सैटेनिक वर्सेज' उपन्यास को मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला माना गया था। भारत में कश्मीरी मुस्लिम परिवार में जन्मे रुश्दी ने फतवे के बाद ब्रिटिश पुलिस सुरक्षा में अपने जीवन के नौ वर्ष छिपकर बिताएं थे।
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