दुबई, एपी। ईरान में हिजाब पहनने और प्रतिबंधों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। देश भर में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष में अब तक कम से कम 41 लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच, रविवार को ईरानी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन व नार्वे के राजदूतों को समन कर आंदोलन को भड़काने का आरोप लगा नाराजगी जताई है।

ईरान में ब्रिटेन के राजदूत को किया गया समन

सरकार द्वारा संचालित इरना न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लंदन स्थित फारसी भाषा के मीडिया आउटलेट्स द्वारा आंदोलन को शत्रुतापूर्ण ढंग से वर्णित करने पर ईरान ने नाखुशी जताते हुए ईरान में ब्रिटेन के राजदूत सिमन शेरक्लिफ को समन कर विरोध दर्ज कराया। इरान ने कहा, न्यूज एजेंसियां के कृत्य को हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में माना जाएगा।

नार्वे के राजदूत को भी मंत्रालयन ने किया तलब

मंत्रालय ने इसके अलावा नार्वे के राजदूत को भी तलब किया और नार्वे की संसद के अध्यक्ष मसूद घरखानी की हालिया टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया। वहीं, रायटर के अनुसार, पड़ोसी इराक में शनिववार को दर्जनों इराकी और ईरानी कुर्दों ने उत्तरी शहर के एरबिल में संयुक्त राष्ट्र परिसर के बाहर रैली निकालकर प्रदर्शन किया। लोग अमीनी की तस्वीर के साथ तख्तियां लिए हुए थे और ईरान के सर्वोच्च नेता खमेनेई का जिक्र करते हुए तानाशाह की मौत का नारा लगा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों से संघर्ष में एक सुरक्षा कर्मी की मौत

वहीं तेहरान में प्रदर्शनकारियों से संघर्ष में एक सुरक्षा कर्मी की मौत हुई है। उल्लेखनीय है कि कुर्दिस्तान प्रांत की महसी अमीनी (22) की तेहरान यात्रा के दौरान मोरल पुलिस ने हिजाब न पहनने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था और पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से 31 प्रांतों में आंदोलन भड़ गया है। ईरान का यह प्रदर्शन 2019 में ईंधन में कीमतों को लेकर हुए आंदोलन, जब 1500 लोगों की मौत हुई थी, के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन है।

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Edited By: Sonu Gupta

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