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    अलकायदा का दावा- पूर्व पाकिस्तानी जनरल शाहिद अजीज की 2018 में हुई थी मौत, आंतकी संगठन से था नाता

    By TaniskEdited By:
    Updated: Tue, 18 Feb 2020 09:54 AM (IST)

    कुछ साल पहले रहस्यमय तरीके से गायब हुए सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल शाहिद अजीज की 2018 में मृत्यु हो गई थी। यह दावा अल कायदा ने किया है। ...और पढ़ें

    अलकायदा का दावा- पूर्व पाकिस्तानी जनरल शाहिद अजीज की 2018 में हुई थी मौत, आंतकी संगठन से था नाता

    रियाद, एएनआइ। कुछ साल पहले रहस्यमय तरीके से गायब हुए सेवानिवृत्त पाकिस्तानी जनरल शाहिद अजीज की 2018 में मृत्यु हो गई थी। यह दावा अल कायदा की एक क्षेत्रीय शाखा द्वारा प्रकाशित एक पत्रिका में किया गया है। अरब न्यूज़ ने बताया कि पत्रिका नवा-ए-अफगान जिहाद, (वॉयस ऑफ अफगान जिहाद) ने यह भी दावा किया कि अजीज के अल-कायदा से करीबी संबंध थे।

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    पत्रिका को अल-कायदा द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) में प्रकाशित किया जाता है। पूर्व में एक शीर्ष पाकिस्तानी जनरल अजीज 37 वर्षों तक पाकिस्तानी सेना को अपनी सेवा देने के बाद 2005 में सेवानिवृत्त हुए। परवेज मुशर्रफ के सैन्य प्रमुख रहने के दौरान अजीज ने अन्य प्रमुख पदों पर सैन्य अभियानों के महानिदेशक के रूप में काम किया था। 2013 में, अजीज ने एक पुस्तक लिखी, जिसमें मुशर्रफ की नीतियों की आलोचना की गई थी।

    अजीज के रिश्तेदारों ने दावों को खारिज कर दिया था

    जब 2018 में जनरल अजीज की मृत्यु और लापता होने की खबरें आने लगीं, तो अजीज के रिश्तेदारों ने इन दावों को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि पूर्व जनरल धार्मिक उपदेशक के तौर पर अपना निजी जीवन जी रहे हैं। यह पहली बार है जब अल-कायदा ने आतंकवादी संगठन से अजीज के संबंध के बारे दावा किया।

    एक्यूआइएस क्या है

    एक्यूआइएस पत्रिका के फरवरी संस्करण में यह भी दावा किया गया है कि अजीज के आतंकी संगठन के सदस्यों के साथ घनिष्ठ संबंध थे। एक्यूआइएस का गठन अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने 2014 में किया था और इसका उद्देश्य पाकिस्तान, भारत, अफगानिस्तान, म्यांमार और बांग्लादेश की सरकारों से लड़ना था।

    अजीज का कारगिल युद्ध पर दावा

    शाहिद अजीज ने साल 2013 में दावा किया था कि कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान की तरफ से मुजाहिदीन नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के जवानों ने लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि मुशर्रफ और तत्कालिन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को इसके बारे में पूरी जानकारी थी।  मुशर्रफ उनसे नक्शों के साथ मिलते थे।