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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहले विश्व नेताओं से कार्रवाई का आग्रह करता रहा इजरायल, अंतत: ईरान से अकेले भिड़े नेतन्याहू

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sat, 14 Jun 2025 07:29 AM (IST)

इजरायल ने यह हमला अचानक नहीं किया है। लगातार दो दशकों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के बारे में जानकारी ...और पढ़ें

2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समझाते हुए नेतन्याहू (फोटो- रॉयटर)
2012 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समझाते हुए नेतन्याहू (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. टेबल पर नहीं मानने पर इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया
  2. ईरान ने कई बार उड़ाया था नेतन्याहू का मजाक
  3. राष्ट्र के नाम संबोधन में नेतन्याहू ने हिलटर का जिक्र किया

रॉयटर, तेल अवीव। ईरान और इजरायल के बीच जारी लड़ाई को लेकर दुनियाभर के नेताओं को चिंता डाल दिया है और सभी शांति की बात कर रहे हैं। रूस से लेकर ट्रंप ने भी टेबल पर मामले को सुलझाने की बात कही है लेकिन ईरान के नहीं मानने के बाद इजरायल ने उस पर हमला कर दिया।

नेतन्याहू ने आखिरकार अकेले ही आगे बढ़ने का फैसला किया

बता दें कि इजरायल ने यह हमला अचानक नहीं किया है। लगातार दो दशकों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी और अन्य विश्व नेताओं से कार्रवाई करने का आग्रह करने के बाद, नेतन्याहू ने आखिरकार अकेले ही आगे बढ़ने का फैसला किया। इजरायल का साफ कहना है वह अपने अस्तित्व को बचाने के लिए ईरान पर हमला कर रहा है। इजरायल का कहना है कि ईरान को सामूहिक विनाश के हथियार प्राप्त करने से रोकना था।

ईरान ने कई बार उड़ाया था नेतन्याहू का मजाक

ईरान ने एक बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मजाक उड़ाया था क्योंकि नेतन्याहू तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में लगातार सार्वजनिक चेतावनी देते रहते थे और इसे बंद करने की बार-बार धमकियां देते रहते थे। इस पर ईरान के तत्कालीन विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने 2018 में कहा था आप कुछ लोगों को केवल कुछ बार ही मूर्ख बना सकते हैं और आप कुछ कर नहीं सकते।

संबोधन में नेतन्याहू ने हिलटर को लेकर कही ये बात

शुक्रवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में नेतन्याहू ने अपने निर्णय को ईरान पर हमले को समझाने के लिए द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी नरसंहार की भयावहता का हवाला दिया।

नेतन्याहू ने कहा कि करीब एक सदी पहले, नाजियों का सामना करते हुए, हमारे नेताओं की एक पीढ़ी समय पर कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने आगे कहा कि नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर को खुश करने की नीति के कारण छह मिलियन यहूदियों की मौत हो गई थी, जो मेरे लोगों का एक तिहाई हिस्सा था।

उस युद्ध के बाद, यहूदी लोगों और यहूदी राज्य ने फिर कभी ऐसा न करने की कसम खाई। खैर, आज फिर कभी ऐसा न करने का समय आ गया है। इजरायल ने दिखाया है कि हमने इतिहास से सबक सीख लिया है।

ईरान बोला परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, हालांकि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने गुरुवार को देश को लगभग 20 वर्षों में पहली बार अपने परमाणु अप्रसार दायित्वों का उल्लंघन करने वाला घोषित किया।

अमेरिका ने अपने विध्वंसक जहाज को मिडिल ईस्ट में तैनाती का दिया निर्देश

अमेरिका ने मध्य पूर्व में सैन्य संसाधन स्थानांतरित किए हैं क्योंकि इजरायल को तेहरान से संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका है, दो अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका मिडिल ईस्ट में जहाजों सहित सैन्य संसाधनों को स्थानांतरित कर रहा है।

यूएसएस थॉमस हंडर बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने में सक्षम

अमेरिकी नौसेना ने विध्वंसक यूएसएस थॉमस हंडर को पश्चिमी भूमध्य सागर से पूर्वी भूमध्य सागर की ओर नौकायन शुरू करने का निर्देश दिया है। यह उल्लेखनीय है कि यूएसएस थॉमस हंडर बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव करने में सक्षम है। इसने एक दूसरे विध्वंसक को भी आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप ने शुक्रवार अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुखों से मुलाकात की।

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