यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर पर इंडोनेशिया में रक्षा अताशे के बयान पर हंगामा, दूतावास ने बयान जारी कर बताई सारी सच्चाई
भारतीय नौसेना के कैप्टन शिव कुमार के ऑपरेशन सिंदूर पर दिए बयान के बाद विवाद हो गया था। इंडोनेशिया में ...और पढ़ें

HighLights
- इंडोनेशिया में रक्षा अताशे के बयान पर कांग्रेस का हंगामा
- कांग्रेस ने सरकार पर लगाया देश को भ्रमित करने का आरोप
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के कैप्टन शिव कुमार ने इंडोनेशिया के एक यूनिवर्सिटी में हुए सेमिनार में ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआती चरण में भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर बयान दिया था। जिसका बाद विवाद बढ़ गया था।
इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भारतीय रक्षा अताशे द्वारा दिए गए बयान को लेकर सफाई दी है और कहा है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
इंडोनेशिया में भारतीय दूतावास ने पोस्ट कर कहा, भारत ने हमेशा यह साफ किया है कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पाकिस्तान के अंदर स्थित आतंकी ढांचों को नष्ट करना था।
We have seen media reports regarding a presentation made by the Defence Attache at a Seminar.
— India in Indonesia (@IndianEmbJkt) June 29, 2025
His remarks have been quoted out of context and the media reports are a mis-representation of the intention and thrust of the presentation made by the speaker.
The presentation…
दूतावास ने किया स्पष्ट
दूतावास ने लिखा, “हमने उस सेमिनार से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं। रक्षा अताशे द्वारा कही गई बातों को संदर्भ से हटाकर दिखाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में उनके बयान की मंशा और प्रस्तुति की दिशा को गलत तरीके से पेश किया गया है।”
दूतावास ने आगे कहा, “प्रस्तुति में बताया गया था कि भारतीय सशस्त्र बल नागरिक नेतृत्व के अधीन काम करते हैं, जो कि हमारे पड़ोसी देशों से अलग है। साथ ही यह भी बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद केवल आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाना था और भारत की प्रतिक्रिया पूरी तरह संतुलित और संयमित थी।”
सेमिनार में रक्षा अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह दिखाया गया जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि भारत ने जानबूझकर तनाव बढ़ाने वाला कदम उठाया। हालांकि, भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि भारत की मंशा कभी भी युद्ध भड़काने की नहीं थी।
राजनीतिक विवाद
हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “पहले सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का बयान और अब इंडोनेशिया में एक सीनियर रक्षा अधिकारी का बयान। लेकिन प्रधानमंत्री अब तक सर्वदलीय बैठक क्यों नहीं बुला रहे? संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया गया?”
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार देश को भ्रमित कर रही है और इतने गंभीर मसले पर विपक्ष को भरोसे में नहीं ले रही। विपक्ष की मांग है कि ऑपरेशन सिंदूर और उसके परिणामों पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
