बीजिंंग, एएनआइ/पीटीआइ। भारत व चीन के मौजूदा सीमा तनाव को लेकर भारत के बाद अब चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई मध्यस्थता की पेशकश को ठुकरा दिया है। चीन ने कहा है कि मामले को सुलझाने के लिए तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति की पेशकश पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि दोनों देश वर्तमान सैन्य गतिरोध को हल करने के लिए किसी तीसरे पक्ष से हस्तक्षेप नहीं चाहते। चीन और भारत के बीच सीमा से संबंधित तंत्र और संचार चैनल कायम हैं। उन्होंने अपनी पूर्व टिप्पणी दोहराई कि अब चीन-भारत सीमा क्षेत्र में स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है।

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार झाओ लिजियन ने ट्रंंप द्वारा की गई मध्यस्थता की पेशकश पर कहा, ' हम बातचीत और परामर्श के माध्यम से हमारे बीच के मुद्दों को ठीक से सुलझाने में सक्षम हैं। हमें तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हम दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने , द्विपक्षीय समझौतों का पालन करने और सीमा क्षेत्र में क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा, स्थिरता और शांति की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।'

ट्रंप ने मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश की थी

गौरतलब है कि पिछले दिनों खबरें आईं कि लद्दाख क्षेत्र में दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां एक-दूसरे से कुछ सौ मीटर की दूरी पर तैनात हैं। दोनों तरफ से सैनिकों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश की थी।

भारत ने मध्यस्थता की पेशकश पहले ही ठुकरा दिया

ट्रंप ने ट्वीट करके कहा था कि हमने भारत व चीन को सूचित किया है कि अमेरिका उनके सीमा विवाद को सुलझाने व उसमें मध्यस्थता करने को तैयार है व सक्षम है। भारत ने मध्यस्थता की पेशकश को पहले ही ठुकरा दिया। इसके बाद अब चीन ने भी इस पेशकश को ठुकरा दिया है। दोनों देशों का कहना है कि इस सीमा विवाद को बातचीत के जरिए से सुलझा लिया जाएगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर चुके हैं ट्रंप

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार ट्रंप द्वारी की गई मध्यस्थता की पेशकश पर भारत ने कहा था कि वह चीन के साथ सीमा पर तनाव को शांतिपूर्वक तरीके से हल करने में लगा हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि हम शांति से इसे सुलझाने के लिए चीनी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे भारत ने अस्वीकार कर दिया था।

यह भी पढ़ें: भारत-चीन में गफलत पैदा करने की ट्रंप की कोशिश, भारत ने कहा, मोदी-ट्रंप में कोई बात ही नहीं हुई

 

Edited By: Tanisk