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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India-China Relation: 'ये जटिल काम, अभी समय लगेगा', भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने के मुद्दे पर चीन ने ऐसा क्यों कहा?

Published: Mon, 30 Jun 2025 07:59 PM (IST)Updated: Mon, 30 Jun 2025 09:16 PM (IST)

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पुराना है जिसे सुलझाने में समय लगने की बात चीन ने कही है। ...और पढ़ें

चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद पर क्या कहा? (फाइल फोटो)
चीन ने भारत के साथ सीमा विवाद पर क्या कहा? (फाइल फोटो)

HighLights

  1. चीन ने कहा- भारत के साथ सीमा विवाद सुलझाने में लगेगा समय।
  2. भारत के साथ सीमा विवाद को चीन ने बताया जटिल।

पीटीआई, बीजिंग। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद काफी पुराना है। कई समय पर दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव भी देखने को मिल चुका है। इस बीच चीन की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है। सोमवार को चीन की ओर से कहा गया कि भारत के साथ सीमा विवाद जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगेगा।

हालांकि, चीन की ओर से सीमा के परिसीमन पर चर्चा करने और इसे शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की गई। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जून को क़िंगदाओ में चीनी समकक्ष डोंग जून के साथ अपनी बैठक में प्रस्ताव दिया था कि भारत और चीन को एक संरचित रोडमैप के तहत जटिल मुद्दों को हल करना चाहिए।

रक्षा मंत्री ने SCO सम्मेलन में द्विपक्षीय वार्ता की

जानकारी दे कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीन के रक्षा मंत्री डोंग जून ने चीन के बंदरगाह शहर किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन के अवसर पर द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

वहीं, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर चीन की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि मैं बता सकता हूं कि चीन और भारत ने सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधि (एसआर) तंत्र की स्थापना की है और चीन-भारत सीमा प्रश्न के समाधान के लिए राजनीतिक मापदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति बनाई है।

सीमा पर बात करने के लिए तैयार: चीन

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन भारत के साथ परिसीमन वार्ता और सीमा प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर संवाद बनाए रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने तथा सीमा पार आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।

इसके अलावा एसआर स्तर की 23 दौर की वार्ता के बावजूद सीमा मुद्दे को सुलझाने में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर माओ ने कहा, "सीमा का सवाल जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगता है।"

अजीत डोभाल ने भी की थी चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात

बता दें कि पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की 23वें दौर की बैठक हुई थी। वहीं, 2020 में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में टकराव के बाद से यह एसआर की पहली बैठक थी।

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