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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चीन ने निकाला H-1B वीजा का तोड़, आ गया नया 'K Visa'; क्या है ड्रैगन का प्लान?

Published: Mon, 22 Sep 2025 01:09 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के H-1B वीजा पर भारी फीस लगाने के बाद चीन ने K Visa नामक एक नई ...और पढ़ें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग। फाइल फोटो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग। फाइल फोटो

HighLights

  1. चीन की 12 वीजा कैटेगरी में शामिल होगा नया 'K Visa'
  2. अमेरिका के H-1B वीजा पर फीस बढ़ाने के बाद चीन ने लिया फैसला।
  3. दुनिया भर के टैलेंट के लिए खुलेंगे चीन के दरवाजे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा H-1B वीजा पर भारी भरकम फीस लगाने के बाद पूरी दुनिया में अफरा-तफरी का माहौल है। ट्रंप के फैसले से खासकर भारत को तगड़ा झटका लगा है। मगर, जहां एक तरफ अमेरिका विदेशी कर्मचारियों के लिए अपने दरवाजे बंद कर रहा है, तो दूसरी तरफ चीन ने ग्लोबल टैलेंट्स के लिए दरवाजे खोलने का फैसला कर लिया है।

ट्रंप के H-1B वीजा का तोड़ निकालते हुए चीन ने अपनी वीजा कैटेगरी में 'K Visa' को शामिल करने का फैसला किया है। इस वीजा के जरिए चीन दुनिया भर के युवा वैज्ञानिकों और तकनीकी से जुड़े प्रोफेशनल्स को बुलाने की तैयारी में है।

चीनी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 'K Visa' से जुड़े नए नियम आगामी 1 अक्टूबर से लागू हो जाएंगे। बता दें कि चीन में पहले से 12 तरह के वीजा मिलते हैं। वहीं, अब इस लिस्ट में 'K Visa' का नाम भी शामिल होने वाला है।

K वीजा की खासियत

चीन के 12 अन्य वीजा की तुलना में K वीजा बिल्कुल अलग होगा। K वीजा के जरिए चीन में एंट्री लेने वाले लोग शिक्षा, कल्चर, विज्ञान और तकनीकी के अलावा बिजनेस जैसे क्षेत्रों में हिस्सा ले सकेंगे।

हालांकि, यह वीजा हासिल करने के लिए चीन कुछ योग्यताएं निर्धारित करेगा। इसके लिए वीजा धारक को कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। चीन कुछ विशेष आयु वर्ग वाले, बेहतर शिक्षा, योग्यता और अनुभवी लोगों को ही K वीजा देगा।

चीन के अनुसार,

देश क विकास में टैलेंट का अहम योगदान होता है। चीन ऐसे दुनिया भर के टैलेंट को मौका देने वाला है।

अमेरिका ने H-1B वीजा पर बढ़ाई फीस

बता दें कि अमेरिका ने H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 डॉलर (लगभग 90 लाख रुपये) कर दी है। सबसे ज्यादा भारतीय इसी वीजा पर अमेरिका जाते हैं। हालांकि, अब H-1B वीजा का नया आवेदन भरने वाले लोगों को यह फीस देना अनिवार्य होगा। यह नियम पुराने वीजा धारकों पर लागू नहीं होगा।

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