बीजिंग, एजेंसी। दक्षिण चीन सागर में इन दिनों चीनी गतिविधियां शुरू हो गईं हैं। ऐसी खबरें हैं कि चीन की ओर से सागर के अथाह पानी के भीतर ड्रोनों को लगाया जाएगा। नए सैटेलाइट चित्रों ने संकेत दिया है कि दक्षिण चीन सागर में चीन बड़े पैमाने पर अंडरवाटर ड्रोन तैनात करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, उसका ऐसा करने का इरादा स्पष्ट नहीं हो सका है। एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हैनन द्वीप के सान्या नेवल बेस पर सैटेलाइट चित्रों में दिखाई दिया है कि दो बड़े आकार के चालक रहित दो अंडरवाटर वाहन (एक्सएलयूयूवी) तैनात हैं।

छोटी पनडुब्बियों का बना रखा है बेस 

भौगोलिक रूप से यह स्थल दक्षिण चीन सागर के एकदम पास है। रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों वाहन मार्च-अप्रैल, 2021 से ही यहां मौजूद थे, लेकिन सैटेलाइट चित्रों से अब पता चला है। इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि दोनों एक्सएलयूयूवी को ऐसे क्षेत्र के पास देखा गया है जहां चीन ने पहले से छोटी पनडुब्बियों का बेस बना रखा है। इससे संकेत मिलता है कि इन्हें यहां ट्रायल या परीक्षण के लिए रखा गया है।

16 मीटर लंबा है अंडरवाटर ड्रोन

रक्षा विश्लेषक एचआइ सुटन बताते हैं कि अंडरवाटर वाहन 16 मीटर लंबा और दो मीटर चौड़ा है। इसके प्रयोग को लेकर वह विस्तार से बताते हैं कि यह जासूसी व निगरानी करने में सक्षम है। इसका उपयोग बारूदी सुरंग बिछाने, पंडुब्बियों के विरुद्ध जंग व विशेष अभियानों में किया जा सकता है। चीन आगे चलकर अपने  ड्रोन का बेड़ा बढ़ा सकता है। एशिया टाइम्स की पूर्व की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सएलयूयूवी की तैनाती के लिए दक्षिण चीन सागर एकदम उपयुक्त है, क्योंकि उथले जल में यह उस तरह मारक नहीं है। 

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Edited By: Monika Minal