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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अफगानिस्तान के बगराम एयर बेस को लेकर चीन और तालिबान ने ट्रंप को चेताया, कहा- अब उपस्थिति स्वीकार नहीं

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sat, 20 Sep 2025 05:15 AM (IST)Updated: Sat, 20 Sep 2025 06:59 AM (IST)

अफगानिस्तान के बगराम एयर बेस पर फिर नियंत्रण हासिल करने की ट्रंप की योजना को लेकर चीन और तालिबान ने ...और पढ़ें

अफगानिस्तान के बगराम एयर बेस को लेकर चीन और तालिबान ने ट्रंप को चेताया (फाइल फोटो)
अफगानिस्तान के बगराम एयर बेस को लेकर चीन और तालिबान ने ट्रंप को चेताया (फाइल फोटो)

HighLights

  1. विदेशी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे : तालिबान
  2. ट्रंप ने कहा था- बगराम एयर बेस लौट सकते हैं अमेरिकी सैनिक

 पीटीआई, बीजिंग। अफगानिस्तान के बगराम एयर बेस पर फिर नियंत्रण हासिल करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को लेकर चीन और तालिबान ने शुक्रवार को चेतावनी दी है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बगराम एयर बेस अफगानिस्तान में चीनी सीमा के पास है।

एयर बेस पर अमेरिकी सैनिक लौट सकते हैं

ट्रंप ने ब्रिटेन में गुरुवार को कहा था कि वह इस एयरबेस को वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि यह चीन के परमाणु हथियार बनाने वाले स्थान के बहुत नजदीक है। इस एयर बेस पर अमेरिकी सैनिक लौट सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ब्रिटेन की राजकीय यात्रा पर थे।

गौरतलब है कि चार वर्ष पहले अमेरिका की अफगानिस्तान से वापसी के बाद यह एयर बेस तालिबान के हाथों में चला गया था। इससे पहले इस एयरबेस पर अमेरिका का नियंत्रण था।ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अफगानिस्तान ने कहा कि अफगान कभी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे।

अफगानिस्तान सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेगा

तालिबान के अधिकारी जाकिर जलाल ने कहा कि अफगानिस्तान सरकार इस विचार को पूरी तरह से खारिज करती है। अफगानिस्तान ने इतिहास में कभी भी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं किया है, और दोहा वार्ता और समझौते के दौरान इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था।

बीजिंग ने भी क्षेत्रीय टकराव को भड़काने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बी¨जग में मीडिया ब्री¨फग में कहा कि क्षेत्र में तनाव और टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, चीन अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। अफगानिस्तान का भविष्य अफगान लोगों के हाथों में होना चाहिए। आशा करते हैं कि सभी पक्ष क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए रचनात्मक भूमिका निभाएंगे।

तालिबान के साथ वार्ता कर रहा अमेरिका : डब्ल्यूएसजे

अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर आतंकवाद के खिलाफ अभियानों के लिए अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के लिए अमेरिका तालिबान के साथ वार्ता कर रहा है। इस वार्ता से परिचित लोगों के हवाले से वाल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को यह खबर दी।