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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Russia Ukraine War: यूक्रेन में तनाव के बीच बेलारूस के नेता ने चीन का किया दौरा

By AgencyEdited By: Shashank Mishra
Published: Wed, 01 Mar 2023 03:34 AM (IST)Updated: Wed, 01 Mar 2023 04:38 AM (IST)

लुकाशेंको को यूरोप में भी अलग-थलग कर दिया जहां उनके देश को युद्ध में अपनी भूमिका और घरेलू विरोध के ...और पढ़ें

चीन के लुकाशेंको के साथ लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं।
चीन के लुकाशेंको के साथ लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं।

बीजिंग, एपी। रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको राजकीय यात्रा पर मंगलवार को बीजिंग पहुंचे जहां यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण को लेकर चीन के रवैये पर नजर रखी जाएगी। चीन युद्ध में तटस्थता का दावा करता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने हाल ही में चेतावनी दी है कि वह रूस को सैन्य सहायता भेजने पर विचार कर रहा है। बीजिंग ने अमेरिकी आरोपों को एक धब्बा अभियान कहा है, और कहा कि यह शांति वार्ता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

लुकाशेंको के चीन के साथ रहे हैं घनिष्ठ संबंध

चीन के लुकाशेंको के साथ लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। लेकिन उनकी यात्रा रूसी नेता व्लादिमीर पुतिन और उनके सहयोगियों के साथ बीजिंग के संबंधों की गहराई को भी दर्शाती है। लुकाशेंको की सरकार ने मॉस्को का पुरजोर समर्थन किया है और एक साल पहले यूक्रेन के शुरुआती आक्रमण के लिए बेलारूस के क्षेत्र को एक मंच के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। रूस ने बेलारूस में सैनिकों और हथियारों की एक टुकड़ी को बनाए रखा है और दोनों पड़ोसियों और सहयोगियों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है।

इस रुख ने लुकाशेंको को यूरोप में और भी अलग-थलग कर दिया, जहां उनके देश को युद्ध में अपनी भूमिका और घरेलू विरोध के दमन दोनों पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। चीनी मीडिया के साथ हाल ही में एक साक्षात्कार में, लुकाशेंको ने कहा कि अब एक अनोखी स्थिति है। संघर्ष को रोकने के लिए।इंटरव्यू पिछले हफ्ते पहली बार जारी किया गया था, लेकिन इसके कुछ हिस्सों को बेलारूस की सरकारी मीडिया ने सोमवार रात फिर से ऑनलाइन शेयर किया।

चीन ने यूक्रेन और रूस के लिए शांति वार्ता प्रस्ताव किया जारी 

बीजिंग ने शुक्रवार को यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष विराम और शांति वार्ता के लिए एक प्रस्ताव जारी किया। अमेरिका और नाटो पर संघर्ष को भड़काने का आरोप लगाया है और रूस और इसके सैन्य प्रयासों को सहायता के रूप में देखी जाने वाली संस्थाओं के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की है। अमेरिका को चीन-रूस संबंधों पर उंगली उठाने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने सोमवार को एक दैनिक ब्रीफिंग में कहा, हम किसी भी तरह से अमेरिकी दबाव और जबरदस्ती को स्वीकार नहीं करेंगे।