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बीजिंग, रायटर्स। चीन की राजधानी बीजिंग इस साल दुनिया के 200 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की लिस्‍ट से बाहर निकलने की कतार में है। गुरुवार को आइक्‍यूएयर एयर विजुअल (IQAir AirVisual) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, अगस्‍त माह में नुकसानदायक धुंध में रिकॉर्ड स्‍तर की कमी आंकी गई।

फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला छोटा सा तत्‍व PM2.5 के स्‍तर में कमी लाने की कोशिश में बीजिंग जुटा हुआ है और पिछले साल की तुलना में इस साल करीब 20 फीसद और 2017 की तुलना में एक तिहाई की कमी कर चुका है। यह आंकड़ा स्‍वीटजरलैंड की एयर क्‍वालिटी टेक्‍नोलॉजी कंपनी ने दिया है।

2014 में शुरू हुए प्रदूषण की लड़ाई में मोर्चे पर बीजिंग रहा है और इसके लिए उसने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की पहचान कर इसे बंद करने का काम किया। ईंधन और इसके उत्‍सर्जन मानकों में संशोधन किया साथ ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में कोयले की खपत पर भी ध्‍यान दिया।

हालांकि 2019 में भी विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) द्वारा तय मानकों के अनुसार शहर की एयर क्‍वालिटी में खास सुधार नहीं है। WHO के अनुसार हवा में PM2.5 का स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए जो अभी भी इससे चार गुना अधिक है। बीजिंग की हवा में इसकी मात्रा 35 माइक्रोग्राम है जो चीन के अपने अंतरिम राष्ट्रीय मानक से अधिक है।

साल के शुरुआती 8 महीनों में बीजिंग की हवा में प्रति घंटे औसतन PM2.5 concentration रही जो 42.6 माइक्रोग्राम थी पिछले साल के मुकाबले 19.3 फीसद कम। यह आंकड़ा 2009 के इसी अवधि की तुलना में आधे से भी कम था। यह बात IQAir AirVisual ने बीजिंग में अमेरिकी दूतावास व 34 आधिकारिक मॉनिटरिंग स्‍टेशनों से मिले डेटा के अध्‍ययन में कही।

चीन ने कहा है कि 2019 में प्रदूषणके खिलाफ अपने कैंपेन के दौरान यह अधिक लक्षित और प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाएगा। लेकिन अपने प्रयासों को कमजोर नहीं करेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करेगा।

बीजिंग ने यह पहले ही कहा है कि इस माह यह फायरवर्क्‍स पर पाबंदी लगाएगा और वायु प्रदूषण में कमी लाएगा। बीजिंग ने इस कदम को उठाते हुए कहा कि वह सुनिश्‍चित करना चाहता है कि 1 अक्टूबर को पीपुल्स रिपब्लिक की स्थापना की 70वीं सालगिरह पर वायु प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में रहे।

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Posted By: Monika Minal

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