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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कनाडा में हिंदू मंदिर पर कट्टरपंथियों का हमला, महिलाओं-बच्चों को पीटा; सांसद बोले- हिंदुओं की रक्षा नहीं कर पा रहा हमारा देश

Published: Mon, 04 Nov 2024 06:50 AM (IST)Updated: Mon, 04 Nov 2024 07:06 AM (IST)

कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले का मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों ने हिंदू श्रद्धालुओं पर हमला किया। घटना का ...और पढ़ें

हिंदू श्रद्धालुओं पर कट्टरपंथियों ने किया हमला। ( वीडियो से ली गई तस्वीर)
हिंदू श्रद्धालुओं पर कट्टरपंथियों ने किया हमला। ( वीडियो से ली गई तस्वीर)

HighLights

  1. सांसद चंद्र आर्य ने कहा- अब लाल लकीर पार हुई।
  2. विपक्षी पोलीवरे बोले- हिंदुओं पर हमला अस्वीकार्य।
  3. कनाडा में लगातार हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमले।

एएनआई, ओटावा। कनाडा में अब चरमपंथी हिंदुओं को निशाना बनाने लगे हैं। ताजा मामला ब्रैम्पटन में सामने आया है। यहां हिंदू सभा मंदिर परिसर में चरमपंथियों ने कनाडाई हिंदू भक्तों पर हमला किया। कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उधर, कनाडा के विपक्षी नेता पियरे पोलीवरे ने हिंदुओं पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सभी कनाडाई लोगों को शांति से अपने धर्म का पालन करने की आजादी है।

कट्टरपंथियों ने लाल रेखा पार कर दी

कनाडाई सांसद चंद्र आर्य ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि कनाडा में चरमपंथियों ने लाल लकीर पार कर दी है। यह घटना कनाडा में उग्रवाद के उदय को उजागर करती है। आर्य ने एक्स पर हमले का एक वीडियो साझा किया और कि कनाडाई चरमपंथियों ने आज लाल रेखा पार कर दी है। ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर के परिसर के अंदर हिंदू-कनाडाई भक्तों पर चरमपंथियों का हमला दिखाता है कि कनाडा में चरमपंथी हिंसक उग्रवाद कितना गहरा है।

(कनाडाई सांसद चंद्र आर्य)

कनाडा में कट्टरपंथियों को खुली छूट

कनाडाई सांसद आर्य ने कहा कि चरमपंथी कनाडा के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कानून का लाभ उठा रहे हैं। उन्हें मुफ्त पास मिल रहा है। मुझे लगता है कि इन रिपोर्टों में थोड़ी सच्चाई है कि कनाडाई राजनीतिक तंत्र के अलावा चरमपंथियों ने कनाडा की कानून प्रवर्तन एजेंसियों में भी घुसपैठ कर ली है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत चरमपंथियों को कनाडा में खुली छूट मिल रही है। हिंदू-कनाडाई लोगों को अपनी सुरक्षा और संरक्षा के लिए आगे आकर अपने अधिकारों का दावा करना चाहिए और राजनेताओं को जवाबदेह ठहराना चाहिए।

हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य: पियरे पोलीवरे

कनाडा के विपक्ष के नेता पियरे पोलीवरे ने हिंदुओं पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने लोगों को एकजुट करने और अराजकता को समाप्त करने का वादा भी किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सभी कनाडाई लोगों को शांति से अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। मैं अपने लोगों को एकजुट करूंगा और अराजकता को समाप्त करूंगा।

(विपक्ष के नेता पियरे पोलीवरे)

सुरक्षित पनाहगाह बना कनाडा

टोरंटो के सांसद केविन वुओंग ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि कनाडा कट्टरपंथियों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। कनाडा के नेता हिंदुओं की रक्षा करने में विफल हैं, ठीक वैसे ही जैसे वे ईसाई और यहूदी कनाडाई लोगों की रक्षा करने में विफल हैं। बता दें कि पिछले साल विंडसर में एक हिंदू मंदिर के बाहर भारत विरोधी पेंटिंग की गई थी। इसके आलावा मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में पहले भी हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जा चुका है।

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