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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'LAC से पीछे हटे सैनिक लेकिन...', चीन के साथ संबंधों में आए बदलाव पर क्या बोले एस जयशंकर?

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Sun, 03 Nov 2024 10:44 PM (IST)

India China Relations भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर जारी तनाव कुछ कम हुआ है और हाल ...और पढ़ें

एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के संबंध में प्रगति हुई है। (File Image)
एस जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के संबंध में प्रगति हुई है। (File Image)

HighLights

  1. पूर्वी लद्दाख में सेनाओं के पीछे हटने से यह स्थिति आई : जयशंकर।
  2. देपसांग में भारतीय सेना की गश्त शुरू, देमचोक में शुक्रवार से।

पीटीआई, ब्रिस्बेन। पूर्वी लद्दाख में सेनाओं को पीछे करने के समझौते से भारत और चीन के संबंधों में कुछ प्रगति हुई है। दोनों देशों के संबंधों के विकास के क्रम में यह प्रगति स्वागतयोग्य है। यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने आस्ट्रेलिया दौरे में कही है।

जयशंकर का यह बयान तब आया है, जब पूर्वी लद्दाख के देमचोक और देपसांग इलाकों से भारत और चीन की सेनाएं पीछे हट चुकी हैं। करीब चार वर्षों तक गतिरोध बने रहने के बाद यह स्थिति आई है। भारतीय सेना ने बताया है कि समझौते के अनुसार देपसांग में भारतीय सैनिकों की गश्त शुरू हो गई है, जबकि देमचोक में यह कार्य शुक्रवार से होगा।

जयशंकर बोले- स्वागतयोग्य कदम

जयशंकर ने कहा, 'LAC पर बहुत बड़ी संख्या में चीनी सैनिक तैनात हैं, जो 2020 से पहले वहां नहीं थे। हमने बदले में जवाबी तैनाती की है। रिश्ते के अन्य पहलू भी हैं, जो इस अवधि के दौरान प्रभावित हुए हैं। इसलिए स्पष्ट रूप से, हमें पीछे हटने के बाद देखना होगा कि हम किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, लेकिन हमें लगता है कि पीछे हटना एक स्वागत योग्य कदम है। इससे संभावना खुलती है कि अन्य कदम भी उठाए जा सकते हैं।'

उन्होंने कहा, 'संबंधों में प्रगति का ही नतीजा है कि अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मिले और बेहतर संबंधों पर बात हुई। संबंधों की बेहतरी के लिए भविष्य में कुछ और कदम उठाए जाएंगे।' विदित हो कि 21 अक्टूबर को देपसांग और देमचोक से सेनाओं के पीछे हटने का समझौता होने की घोषणा हुई थी।

विश्व के साथ तरक्की करना चाहता है भारत

जयशंकर ने कहा, 'भारत दुनिया के साथ मिलकर तरक्की करना चाहता है। इसके लिए देशों के बीच सद्भाव और सहयोग की इच्छा होनी चाहिए।' भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत तरक्की कर रहा है, लेकिन वह चाहता है कि विश्व के अन्य देश भी तरक्की करें। आस्ट्रेलिया पहुंचने पर एक्स पर किए पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि आने वाले दिनों में हम कई मुद्दों पर द्विपक्षीय लाभदायक वार्ता करेंगे। जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत के संबंधों की मजबूती का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया है। जयशंकर आस्ट्रेलिया और सिंगापुर की यात्रा पर गए हैं।