'यह तेल का मामला है', ट्रंप की घोषणा के बाद वेनेजुएला की घटनाओं का बाजार पर क्या होगा असर?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कहा कि यह तेल का मामला है। उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला भेजकर ...और पढ़ें

डोनल्ड ट्रंप और निकोलस मादुरो। (फाइल फोटो)
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद साफ तौर पर कहा कि यह तेल का मामला है। वेनेजुएला की घटनाओं ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि वैश्विक तेल बाजार पर इसका क्या असर होगा?
विश्लेषकों का कहना है कि वेनेजुएला बड़ी मुश्किल से अपने तेल भंडार का केवल एक प्रतिशत ही निकाल पाता है और अमेरिकी कार्रवाई का वैश्विक तेल बाजार पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम बड़ी-बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों को वेनेजुएला भेजेंगे। वे अरबों डालर खर्च करेंगी। वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को ठीक करेंगी और देश के लिए मुनाफा कमाना शुरू करेंगी। तेल की खरीद चाहने वाले अन्य देशों की बात करें तो, हम तेल के कारोबार में हैं। हम उन्हें तेल बेचेंगे। हम उन्हें बहुत अधिक मात्रा में तेल बेचेंगे। वेनेजुएला का बुनियादी ढांचा इतना खराब था कि वह पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पा रहा था। अब हम अन्य देशों को बड़ी मात्रा में तेल बेचेंगे।
वेनेजुएला के पास कितना तेल है?
वेनेजुएला के पास विश्व के तेल भंडार का 18 प्रतिशत हिस्सा है। यह विश्व का सबसे बड़ा तेल भंडार है। हालांकि, वह अब तक केवल एक प्रतिशत तेल ही निकाल पाया है। इसका कारण यह है कि वेनेजुएला में भारी तेल का भंडार है, जबकि खाड़ी देशों में हल्का तेल पाया जाता है।
हल्का तेल कम गाढ़ा, आसानी से बहने वाला और कम घनत्व वाला होता है, जबकि भारी तेल अधिक चिपचिपा, गाढ़ा और उच्च घनत्व वाला होता है। भारी तेल की रिफाइनिंग के लिए उच्च स्तरीय संयंत्रों की आवश्यकता होती है, जो वेनेजुएला के पास नहीं था।
इसके अलावा अमेरिका ने वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगा दिया था और उसे तेल निर्यात करने से रोक दिया था। इससे तेल उत्पादन और भी सीमित हो गया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतिबंध हटाया जाएगा या नहीं, क्योंकि ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जा रही हैं।
एक्सपर्ट्स की राय
विश्लेषकों का कहना है कि भारी तेल, अमेरिकी प्रतिबंध और सीमित शोधन क्षमता जैसे कई मौजूदा कारणों से वेनेजुएला में तेल आपूर्ति बाधित होने का वैश्विक तेल बाजार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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