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'मोदी जानते थे मैं खुश नहीं हूं...', रूसी तेल को लेकर ट्रंप की नई धमकी; फिर अलापा पुराना राग

Published: Mon, 05 Jan 2026 08:02 AM (IST)Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:42 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी तेल खरीद पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारत सहयोग ...और पढ़ें

HighLights

  1. ट्रंप ने भारत को रूसी तेल खरीद पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी।

  2. अमेरिका का आरोप, रूसी तेल से यूक्रेन युद्ध को फंडिंग।

  3. भारत की ऊर्जा नीति बाजार और उपभोक्ता जरूरतों पर आधारित।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका की मदद नहीं करता, तो भारतीय सामानों पर लगाए गए टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर भारत रूसी तेल मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है तो अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा सकता है। ट्रंप का इशारा भारत और रूस के बीच तेल व्यापार की ओर था, जिसका ट्रंप प्रशासन लंबे समय से विरोध करता रहा है।

ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि अगस्त 2025 में इसी मुद्दे को लेकर भारत पर टैरिफ दोगुना कर 50% कर दिया गया था। अमेरिका का आरोप रहा है कि रूस को तेल से होने वाली कमाई यूक्रेन में इस्तेमाल हो रही है। रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, "अगर वे रूसी तेल के मुद्दे पर मदद नहीं करते तो हम भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।"

अपने संबोधन में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम लिया। उन्होंने पीएम मोदी को अच्छा आदमी बताते हुए कहा कि मोदी जानते थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति खुश नहीं है। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी किए गए एक ऑडियो में ट्रंप को यह कहते हुए सुना गया, "वह (पीएम मोदी) जानते थे कि मैं खुश नहीं था। मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं और हम बहुत जल्दी उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।"

ये बयान ट्रंप ने उस ब्रीफिंग के दौरान दिए, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के अगले कदमों पर बात की। उस चर्चा में भी तेल एक अहम मुद्दा था।

भारत की प्रतिक्रिया

ट्रंप के ये ताजा बयान उस दावे के कुछ महीने बाद आए हैं, जब उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। अक्टूबर में ट्रंप ने कहा था, "अब कोई तेल व्यापार नहीं होगा। वह तेल नहीं खरीद रहे हैं।"यह बयान 50% टैरिफ लागू होने के कुछ हफ्तों बाद आया था।

हालांकि, भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया था और कहा था कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई थी। भारत लगातार कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा नीति बाजार की स्थितियों और भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के हिसाब से तय होती है।

भारत-अमेरिका रिश्तों पर असर

ट्रंप की नई चेतावनी से भारत-अमेरिका के रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में थोड़ी नरमी भी देखी गई थी। ट्रंप ने तब कहा था कि वह पीएम मोदी के हमेशा दोस्त रहेंगे और दोनों देशों के बीच खास रिश्ता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी उस समय ट्रंप के बयान की सराहना की थी। बावजूद इसके, रूस से तेल खरीद का मुद्दा दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील विषय बना हुआ है।रूस इस समय भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों का आरोप रहा है कि भारत रूसी तेल को सस्ते में खरीदकर मुनाफा कमा रहा है।

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