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    बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ रहे हमले, अमेरिकी सांसद ने ट्रंप से की हस्तक्षेप; यूनुस प्रशासन को घेरा

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 10:44 PM (IST)

    भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताई है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन से यूनु ...और पढ़ें

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    यूनुस सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों पर लगाम लगाने की मांग

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर लगातार बढ़ रहे क्रूरतापूर्ण मामलों पर भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने चिंता जताई है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन से बांग्लादेश में हस्तक्षेप की मांग भी की है ताकि यूनुस सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों पर लगाम लगाई जा सके।

    सुब्रमण्यम ने कहा कि यूनुस शासन अल्पसंख्यकों को लेकर आंखें मूंदे हुए है। उन्होंने कहा कि वहां अमेरिका विरोधी भावनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। एक विशेष साक्षात्कार में वर्जीनिया के डेमोक्रेट सांसद सुब्रमण्यम ने कहा कि हाल के दिनों में हमने ¨हदुओं के साथ हुए तमाम वाकये देखे हैं। इन घटनाओं को व्यापक दायरे में देखने की जरूरत है। मौजूदा सरकार जब से सत्ता में आई है, अल्पसंख्यकों के खिलाफ मामले बढ़ते जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस मामले में ट्रंप प्रशासन को सख्ती दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चाहे धार्मिक स्थल हों, कारोबार हों या निवासी ही क्यों न हों, बांग्लादेश में सभी हिंसा की चपेट में हैं। अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा की तीव्रता और निरंतरता चिंता का सबब है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहनेवाले बांग्लादेशी समुदाय में भी चिंता तेजी से बढ़ रही है। मैं तमाम बांग्लादेशी अमेरिकी लोगों को जानता हूं, जो हिंदू, मुस्लिम या अन्य धर्मों से जुड़े हैं, और वे सभी बांग्लादेश के हालात से दुखी हैं। वे बांग्लादेश में रह रहे अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

    अवामी लीग का आरोप, विपक्ष को खत्म करने का केंद्र बनीं जेलें

    पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने मोहम्मद यूनुस सरकार के कार्यकाल में हत्याओं और हिरासत में मौतों के बढ़ते मामलों पर चfxता जताई और कहा कि इस सरकार ने आरोपितों को पूरा संरक्षण दे रखा है। यूनुस शासन में जेलें यातनाघर बन गई हैं। विपक्ष को खामोश करने के लिए जेलों को गुप्त ठिकाना बना दिया गया है। पार्टी के मुताबिक 27 दिसंबर को दो बुजुर्गों, जमालुद्दीन और अब्दुल कयूम की उनके ही इलाके में नृशंस हत्या कर दी गई।

    मामला केवल इतना था कि उनका रिश्तेदार मेहदी हसन अवामी लीग के छात्र संगठन 'बांग्लादेश स्टूडेंट लीग' से जुड़ा हुआ था। इसके अलावा पार्टी के संचालक सचिव बाबुल खान के साथ पटुआखाली जिला जेल में यातना के चलते हालत खराब हो गई। उन्हें समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। मरणासन्न हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पार्टी ने सवाल किया कि जेलों के भीतर और कितनी हत्याएं होंगी। पार्टी ने कहा कि अवैध यूनुस सरकार और उनका दमनकारी पुलिस प्रशासन जवाबदेही से बच नहीं सकते।

    (न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)