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    अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड आएंगी भारत, दौरे के क्या है खास मायने?

    Updated: Tue, 11 Mar 2025 10:13 AM (IST)

    अमेरिकी खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड भारत का दौरा करने वाली हैं। वो अभी इंडो-पैसिफिक दौरे पर निकली हैं इस दौरान वो जापान थाईलैंड और भारत का दौरा करेंगी। तुलसी गबार्ड पहले एक डेमोक्रेट थीं लेकिन 2022 में उन्होंने पार्टी छोड़ दिया था और फिर 2024 में रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हो गईं थी। वो हिन्दू हैं लेकिन भारत से उनका कोई नाता नहीं है।

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    अमेरिकी खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका के खुफिया विभाग की प्रमुख तुलसी गबार्ड जल्द ही भारत का दौरा करेंगी। गबार्ड अमेरिकी नेशनल इंटेलीजेंस की निदेशक हैं जो हिंदू धर्म की प्रवर्तक होने के साथ ही हमेशा से भारत से जुड़े हितों का समर्थन करती रही हैं। वह भारत-अमेरिका के बीच बेहद मजबूत रणनीतिक संबंधों की वकालत करती हैं।

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    हाल के वर्षों में जब भी पीएम नरेन्द्र मोदी अमेरिका के दौरे पर गये हैं तब उनकी गबार्ड से द्विपक्षीय मुलाकात हुई है। गबार्ड ने स्वयं मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर यह जानकारी साझा की। बाद में नई दिल्ली स्थिति अमेरिकी दूतावास ने भी उनकी यात्रा की पुष्टि की है। यह भी उल्लेखनीय तथ्य है कि गबार्ड ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली उच्चपदस्थ अधिकारी हैं जो भारत के दौरे पर आ रही हैं।

    भारत की यात्रा के बाद वह फ्रांस में भी कुछ समय के लिए जाएंगी

    गबार्ड हिंद प्रशांत क्षेत्र की यात्रा पर निकल रही हैं। यात्रा की शुरुआत होनोलुलू से करेंगी जहां अमेरिका का एक बहुत ही बड़ा सैन्य अड्डा है। इस दौरान वह जापान, थाईलैंड व भारत आएंगी। भारत की यात्रा के बाद वह फ्रांस में भी कुछ समय के लिए जाएंगी। भारत में गबार्ड की विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोभाल के अलावा पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ भी मुलाकात होने की संभावना है।

    कारोबार को लेकर भावी उपायों पर चर्चा होगी

    भारत में उनकी बैठकों के दौरान दोनों देशों के बीच खुफिया एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने के अलावा आंतकवाद और मादक द्रव्यों के कारोबार पर रोक लगाने को लेकर भावी उपायों पर चर्चा होगी। जानकारों के मुताबिक अमेरिका में गैर कानूनी तौर पर लोगों को भेजने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना भी विमर्श का एक अहम एजेंडा होगा।

    पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक

    हाल के हफ्तों में अमेरिका के वहां गैर कानूनी तौर पर रहने वाले भारतीयों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। फरवरी, 2025 में वॉशिंगटन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में उन एजेंसियों के खिलाफ साझा कार्रवाई की सहमति बनी थी जो गैर कानूनी तरीके से लोगों को अमेरिका भेजने में संलिप्त हैं।

    गबार्ड के समक्ष भारत खालिस्तानी समर्थकों की अमेरिका में चल रही गतिविधियों, भारत के दूतावास व मिशनों के समक्ष होने वाले ¨हसक प्रदर्शनों का मुद्दा भी उठाएगा। बहुत संभव है कि अमेरिका की तरफ से खालिस्तान समर्थक आतंकवादी गुरुपतवंत सिंह पन्नुन की हत्या की साजिश का मामला भी उठाया जाए। इस मामले में दो भारतीयों की गिरफ्तारी हुई है।

    एक भारतीय जो चेक गणराज्य में पकड़ा गया था, उसे प्रत्यर्पित करके अमेरिका ले जाया गया है। जबकि दूसरे साजिशकर्ता की गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों ने ही की है। इस मामले में पूर्व की जो बाइडन सरकार भारत पर काफी दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन इस मामले को ज्यादा तूल देने के मूड में नहीं है।

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