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    ट्रंप की नई टीम तैयार, 20 जनवरी को शपथ; जयशंकर भी होंगे शामिल, जानिए भरत के लिए क्यों है ये खास

    Updated: Sun, 12 Jan 2025 06:10 PM (IST)

    विदेश मंत्रालय के अनुसार नए अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मेल-मुलाकातों के Trump swearing In Ceremony अलावा जयशंकर यात्रा के दौरान ट्रंप के शपथ में आने वाले कुछ अन्य विदेशी राज नेताओं-राजनयिकों के साथ भी बैठक करेंगे। अमेरिका के नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के सत्ता संभालने के लिए बनी ट्रम्प-वैंस उद्घाटन समिति के निमंत्रण पर विदेशमंत्री वॉशिंगटन जाएंगे।

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    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में एस जयशंक शामिल होंगे।(फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विदेशमंत्री एस जयशंकर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में अपने देश की सत्ता की बागडोर संभालेंगे।

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    विदेशमंत्री शपथ ग्रहण के लिए होने वाली इस यात्रा के दौरान आने वाले ट्रंप प्रशासन के नए प्रतिनिधियों के साथ भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी और संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के मसले पर बातचीत करेंगे।

    ट्रंप के अलावा कई अन्य राजनेताओं से मिलेंगे जयशंकर 

    विदेश मंत्रालय के अनुसार नए अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ मेल-मुलाकातों के अलावा जयशंकर यात्रा के दौरान ट्रंप के शपथ में आने वाले कुछ अन्य विदेशी राज नेताओं-राजनयिकों के साथ भी बैठक करेंगे।

    अमेरिका के नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के सत्ता संभालने के लिए बनी ट्रम्प-वैंस उद्घाटन समिति के निमंत्रण पर विदेशमंत्री वॉशिंगटन जाएंगे।

    नेतन्याहू भी पहुंच रहे अमेरिका 

    ट्रंप के शपथ में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तथा अर्जेंटीना के राष्ट्रपति समेत कुछ देशों के शासनाध्यक्षों के साथ-साथ तमाम देशों के राजनयिक प्रतिनिधि भी अमेरिका पहुंच रहे हैं।

    राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की यह दूसरी पारी एक चुनावी ब्रेक के बाद होगी। राष्ट्रपति पद के लिए 2020 में हुए चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन ने ट्रंप को परास्त कर लगातार दूसरी बार सत्ता में आने से रोक दिया था। हालांकि 2024 के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को शिकस्त देकर उन्होंने न केवल अमेरिका की राजनीति को फिर से बदल दिया है बल्कि दुनिया भर में उनकी वापसी को लेकर हलचलें तेज है।

    ट्रंप शासन में कैसे होंगे भारत-अमेरिका के संबंध? 

    ट्रंप की अमेरिका प्रथम की नीति के साथ व्यापार-कारोबार से जुड़ी नीतियों में व्यापक बदलाव करने की उनकी घोषणाओं से दुनिया के राजनयिक-वाणिज्यिक जगत में शंका-आशंका के सवाल और चिंताएं हैं। वैसे ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में किसी बड़े उथल-पुथल की न कोई आशंका है और न ही संकेत।

    भारत से संबंधों को लेकर अमेरिका में दलीय राजनीति की कोई अड़चन नहीं है। डेमोक्रेटिक पार्टी तथा ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी दोनों मजबूत सहयोग-साझेदारी के पैरोकार रहे हैं। विदेश मंत्री जयशंकर जाहिर तौर पर दोनों देशों के रिश्तों के इस स्थायित्व और नीतियों की निरंतरता को आगे बढ़ाने पर ट्रंप प्रशासन के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। 

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