Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'परमाणु युद्ध रुकवाया, फिर भी मुझे नहीं मिलेगा क्रेडिट', भारत-पाक सीजफायर पर बोले अमेरिकी राष्ट्रपति

    Updated: Sat, 17 May 2025 08:10 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था और वे परमाणु युद्ध के कगार पर थे। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर 100% टैरिफ कम करने को तैयार है।

    Hero Image
    अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर दावा किया कि उन्होंने ही भारत-पाक युद्ध को रुकवाया। (फोटो- रॉयटर्स)

    पीटीआई, न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान से बातचीत करना और उन्हें संकट से उबारना मेरे लिए बहुत बड़ी सफलता है, जिसका उचित श्रेय मुझे कभी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बहुत नफरत थी और तनाव इस हद तक बढ़ गया था कि इसका अगला चरण संभवत: 'परमाणु' युद्ध हो सकता था।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    'फॉक्स न्यूज' को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत बड़ी सफलता है। ये दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और वे गुस्से में थे। राष्ट्रपति ट्रंप की मध्य-पूर्व की यात्रा से पूर्व जब उनसे विदेश नीति की कुछ सफलताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के नेताओं से सीधे बातचीत की थी और तनाव को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका की ओर से मध्यस्थता की गई थी।

    ट्रंप ने किया था भारत और पाकिस्तान को फोन

    उन्होंने कहा कि जब तनाव बढ़ रहा था, मिसाइलों का इस्तेमाल हो रहा था और टकराव जैसे को तैसा की दिशा में जा रहा था, तब उन्होंने हस्तक्षेप किया और हालात को बिगड़ने से रोका। साक्षात्कार में जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने भारत और पाकिस्तान को फोन किया, तो इसके जवाब में ट्रंप ने जवाब दिया कि हां, मैंने किया। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आप इसे यह एक सफलता मानते हैं तो उन्होंने 'हां' में उत्तर दिया।

    ट्रंप ने दावा किया कि भारत-पाक के बीच हो सकता था परमाणु युद्ध

    ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया था कि इसका अगला चरण संभवत: 'परमाणु' युद्ध हो सकता था। आपने देखा कि यह तनाव किस दिशा में जा रहा था? यह एक तरह से प्रतिशोध था - जैसे को तैसा की भांति। यह और गहरा होता जा रहा था और अधिक मेरा मतलब है, अधिक मिसाइलें हर कोई 'अपेक्षाकृत मजबूत' था। यह तनाव उस बिंदु तक पहुंच चुका था, जहां आप जानते हैं कि आगे क्या होने वाला था? 'एन' शब्द। आप तो जानते ही हैं न कि एन शब्द क्या है?

    ट्रंप ने जब साक्षात्कारकर्ता से पूछा कि 'एन' शब्द आप जानते हैं ना, इस पर उन्होंने उत्तर दिया ''परमाणु'' (न्यूक्लियर)! ट्रंप ने कहा, ''यह एन शब्द है। यह बहुत बुरा शब्द है, है न? कई मायनों में परमाणु अर्थ में इस्तेमाल किया जाने वाला एन शब्द सबसे बुरी चीज है जो हो सकती है और, मुझे लगता है कि वे (भारत-पाक) इसके बहुत करीब थे। नफरत बहुत ज्यादा थी। तब मैंने कहा कि हम व्यापार के बारे में बात करने जा रहे हैं। हम बहुत सारा व्यापार करने जा रहे हैं। मैं व्यापार का इस्तेमाल हिसाब बराबर करने और शांति स्थापित करने के लिए कर रहा हूं।

    'अमेरिकी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ कम करने को तैयार भारत'

    ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि भारत अमेरिकी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ कम करने को तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नई दिल्ली-वाशिंगटन के बीच व्यापार समझौता जल्द होगा। उन्होंने भारत पर उच्च शुल्क नीति को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक है।

    हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब अमेरिका के लिए अपने शुल्कों में कटौती करने को तैयार है और दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता जल्द ही हो सकता है। गौरतलब है कि ट्रंप ने दो दिन पहले भी कहा था कि भारत शून्य टैरिफ पर अमेरिका के साथ कारोबार को तैयार है। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि व्यापार समझौता पारस्परिक रूप से लाभकारी होना चाहिए।

    यह भी पढ़ें: माइक्रोसॉफ्ट ने इजरायल को बेची थी AI और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं, गाजा पर हमले में हुआ इस्तेमाल; कंपनी ने स्वीकार की ये बात

    यह भी पढ़ें: 'हम धमकियों से नहीं डरते', ईरान के राष्ट्रपति का डोनाल्ड ट्रंप को जवाब; कहा- जारी रहेगी परमाणु वार्ता