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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में हजारों भारतीयों पर खतरा, बदल गया वीजा का नियम; क्या खत्म हो जाएगा US में रहने का अधिकार?

Published: Thu, 06 Mar 2025 05:24 PM (IST)

अमेरिका के वर्तमान इमीग्रेशन नियमों के तहत H-4 वीजा धारक हजारों भारतीयों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया ...और पढ़ें

पहले ऐसे बच्चों को 21 की उम्र पार करने के बाद 2 वर्ष का समय मिलता था (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पहले ऐसे बच्चों को 21 की उम्र पार करने के बाद 2 वर्ष का समय मिलता था (प्रतीकात्मक तस्वीर)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने इस साल अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर उन्हें डिपोर्ट कर दिया। इसमें भारतीय भी शामिल हैं। लेकिन अब अमेरिका में लीगल तरीके से रह रहे हजारों उन भारतीयों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जो H-4 वीजा धारक हैं।

दरअसल अमेरिका में रहने वाले H1-B वीजा धारकों के 21 साल से कम उम्र के बच्चों को H-4 वीजा दिया जाता है। लेकिन यूएस के नये इमीग्रेशन नियमों के मुताबिक, H-4 वीजा धारक 21 साल की उम्र पूरी करने के बाद H1-B वीजा धारकों के डिपेंडेंट के तौर पर मान्य नहीं होंगे।

संकट में कई भारतीयों का भविष्य

मार्च 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में करीब 1.34 लाख भारतीय बच्चे ऐसे हैं, जिनकी उम्रसीमा पूरी होने वाली है और उनके परिवार को ग्रीन कार्ड नहीं मिला है। अमेरिकी इमीग्रेशन सिस्टम में परमानेंट रेजीडेंसी पाने की प्रक्रिया काफी लंबी है और इसमें 12 से 100 साल तक लग जाते हैं।

अब तक इन बच्चों को दूसरा वीजा स्टेटस पाने के लिए 2 साल का समय मिलता था, लेकिन अमेरिका के नये इमीग्रेशन नियमों के कारण ऐसे लाखों बच्चों के भविष्य पर संकट पैदा हो गया है। ऐसे लोग अब कनाडा और यूके जैसे देशों पर विचार कर रहे हैं, जहां पॉलिसी काफी लचीली हैं।

H1-B वीजा का प्रोसेस शुरू

  • यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विस ने वित्त वर्ष 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रोसेस 7 मार्च से 24 मार्च तक चलेगा। बता दें कि H1-B नॉन इमीग्रेंट वीजा है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी कंपनियों में विदेशी नागरिकों को हायर करने के लिए किया जाता है।
  • H1-B वीजा का कैप अब भी 65 हजार प्रति वर्ष पर तय किया गया है। हालांकि नई रजिस्ट्रेशन फीस 215 डॉलर है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इस साल की शुरुआत में H1-B वीजा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इससे अमेरिकियों की जॉब छिन रही है।

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