'इंडियन पासपोर्ट देख दिया कैप्सूल जितना कमरा', अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिला का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
शेंगेन वीजा न होने की वजह से एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकल सकीं अरोड़ा ने कहा कि यहां पर बहुत देर तक रुकना हुआ और अमेरिकी पासपोर्ट वाले जर्मनी घूम पाए। अरोड़ा का कहना है कि अमेरिकी पासपोर्ट वालों को तो फाइव स्टार होटल में रुकने और फ्री में खाने की सुविधा दी गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने दावा किया है कि जर्मन एयरपोर्ट पर उसे इसलिए कैप्सूल के साइज का रूम दिया गया क्योंकि उसका भारतीय पासपोर्ट था। जबकि, अमेरिकी पासपोर्ट वाले यात्रियों के लिए फाइव स्टार होटल में रहने की सुविधा दी गई।
न्यूयॉर्क में रहने वाली अनीशा अरोड़ा देरी की वजह से फ्रैंकफर्ट से अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं पकड़ पाईं। ऐसे में एअरलाइन कंपनी ने यात्रियों के रुकने के लिए व्यवस्था की थी। अरोड़ा का कहना है कि अमेरिकी पासपोर्ट वालों को तो फाइव स्टार होटल में रुकने और फ्री में खाने की सुविधा दी गई लेकिन उन्हें भारतीय पासपोर्ट और शेंगेन वीजा की वजह से कैप्सूल के साइज का कमरा दिया गया।
क्या कहा अनीशा अरोड़ा ने?
छोटे से कमरे में वीडियो बनाते हुए अनीशा ने कहा, "मुझे इससे पहले कभी भी अपने पासपोर्ट की परवाह नहीं हुई। जबकि दूसरे यात्रियों के लिए फाइव स्टार होटलों में मुफ्त में ठहरने और मुफ्त में नाश्ता और रात का खाना मिला रहा है, मैं इस स्टूपिड से कैप्सूल में फंसी हुई हूं।"
शेंगेन वीजा न होने की वजह से एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकल सकीं अरोड़ा ने कहा कि यहां पर बहुत देर तक रुकना हुआ और अमेरिकी पासपोर्ट वाले जर्मनी घूम पाए। उन्होंने कहा, "मेरी जगह कोई भी अमेरिकी नागरिक बहुत खुश होता, क्योंकि उसे सब कुछ मुफ्त मिलता और एक नए देश को घूमने के लिए 20 घंटे मिलते, लेकिन मैं नहीं, क्योंकि मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है।"
यूजर्स ने वीडियो पर दी प्रतिक्रिया
उनका वीडियो सोशल मीडिया यूजर्स को बहुत पसंद आया और कई टिप्पणियां भी कीं। एक यूजर ने लिखा, "वास्तव में आपके पास एक फ्लैट बेड और फोन चार्ज करने के लिए जगह है... आपको और क्या चाहिए?" वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, "कोई बात नहीं। हम पासपोर्ट रैंकिंग में केवल 80वें नंबर हैं। अगर सबकुछ ठीक रहा तो हम जल्दी ही 100वें नंबर पर होंगे।"
बता दें कि हेनले पासपोर्ट सूचकांक में भारत 85वें नंबर पर है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका से काफी नीचे है। अमेरिका इस इंडेक्स में 9वें नंबर पर है।
ये भी पढ़ें: सिर्फ पांच पोस्ट और सैकड़ों की भीड़, भारतीय महिला ने दिखाई 'कनाडा की हकीकत'; बोली- नौकरी के लिए...
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।