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    SpaceX Capsule: स्पेस-X कैप्सूल कई घंटों की देरी के बाद पहुंचा ISS, डॉकिंग हुक में थी तकनीकी समस्या

    By AgencyEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Sat, 04 Mar 2023 04:34 AM (IST)

    चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेस-X क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने फॉल्कन रॉकेट के माध्यम से गुरुवार तड़के अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि यात्री दल कुछ घंटों की देरी के बाद आईएसएस पहुंचा। (फोटो एपी)

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    SpaceX Capsule: स्पेस-X कैप्सूल कई घंटों की देरी के बाद पहुंचा ISS

    केप केनवरल, एपी। स्पेस-X क्रू ड्रैगन कैप्सूल छह महीने के मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के एक दल को लेकर शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचा। अंतरिक्ष यात्रियों के दल में दो अमेरिकी वारेन होबर्ग और स्टीफ बोवेन, एक रूसी आंद्रे फेदियाएव और एक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सुल्तान अल-नियादी शामिल हैं।

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    चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेस-X क्रू ड्रैगन कैप्सूल ने फॉल्कन रॉकेट के माध्यम से गुरुवार तड़के आईएसएस के लिए उड़ान भरी थी। हालांकि, कैप्सूल के एक 'डॉकिंग हुक' में तकनीकी समस्या के कारण यात्री दल कुछ घंटों के लिए आईएसएस से 65 फुट की दूरी पर अटका रहा ।

    2019 में UAE के हाजा अल-मंसूरी गए थे अंतरिक्ष स्टेशन

    बता दें कि सुल्तान अल-नियादी एक महीने के लिए आईएसएस जाने वाले अरब जगत के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं। उनसे पहले 2019 में यूएई के पहले अंतरिक्ष यात्री हाजा अल-मंसूरी एक सप्ताह के लिए अंतरिक्ष स्टेशन गए थे।

    कैलिफोर्निया में मौजूद उड़ान नियंत्रक दल शुक्रवार को तकनीकी समस्या को दूर करने में सफल रहा, जिसके बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने आईएसएस में कदम रखा।

    स्पेस-X के मुताबिक, कैप्सूल के उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद 'डॉकिंग हुक' में तकनीकी समस्या उभरकर सामने आई थी। हालांकि, कैप्सूल में लगे सभी 12 हुक ठीक नजर आ रहे थे, लेकिन उनमें से एक का स्विच खराब था।

    इसके बाद स्पेस-X मिशन कंट्रोल ने कैप्सूल में सवार अंतरिक्ष यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की। उसने यात्रियों को बताया कि वे इस स्थिति में दो घंटे तक रह सकते हैं, तब तक टीम समस्या को दूर कर लेगी।

    तकनीकी समस्या की वजह से हुई देरी

    कंपनी के अनुसार, स्पेस-X मिशन कंट्रोल ने कुछ ही मिनटों बाद सॉफ्टवेयर के लिए नए कमांड जारी किए। नए कमांड जारी होने के बाद कैप्सूल आईएसएस से जुड़ने में सफल रहा। कंपनी के मुताबिक, 'डॉकिंग हुक' में तकनीकी समस्या के कारण अंतरिक्ष यात्री निर्धारित समय से लगभग एक घंटे की देरी से आईएसएस पहुंचे।