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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

China- Pakistan: चीन "दुष्प्रचार से निपटने" के लिए पाक मीडिया को करना चाहता है नियंत्रित: रिपोर्ट

By Jagran NewsEdited By: Versha Singh
Published: Thu, 05 Oct 2023 09:03 AM (IST)

चीन ने मीडिया पर अपनी पकड़ बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियानों का एक जाल विकसित किया है और वह पाकिस्तानी ...और पढ़ें

चीन "दुष्प्रचार से निपटने" के लिए पाक मीडिया को करना चाहता है नियंत्रित: रिपोर्ट (फाइल फोटो)
चीन "दुष्प्रचार से निपटने" के लिए पाक मीडिया को करना चाहता है नियंत्रित: रिपोर्ट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पाक मीडिया को करना चाहता है चीन
  2. एक रिपोर्ट में ये बात आई सामने

PTI, वॉशिंगटन। चीन ने मीडिया पर अपनी पकड़ बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अभियानों का एक जाल विकसित किया है और वह पाकिस्तानी मीडिया पर महत्वपूर्ण नियंत्रण हासिल करना चाहता है। इसका खुलासा एक आधिकारिक अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया है।

विदेश विभाग ने पिछले सप्ताह यहां जारी एक रिपोर्ट में कहा कि सूचना क्षेत्र में रूस के साथ मिलकर काम करने के अलावा, चीन ने प्रतिकूल आख्यानों का मुकाबला करने के लिए अन्य करीबी साझेदारों को शामिल करने का प्रयास किया है। इसमें कहा गया है कि उनमें से प्रमुख पाकिस्तान है।

बीजिंग ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने की कही बात

रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग ने पाकिस्तान के साथ 'दुष्प्रचार से निपटने' पर सहयोग को और अधिक गहरा करने की मांग की है, जिसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (China-Pakistan Economic Corridor, CPEC) मीडिया फोरम भी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजिंग और इस्लामाबाद मीडिया फोरम का उपयोग उन चीजों को संबोधित करने के लिए करते हैं जिन्हें वे प्रचार और "दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार" के रूप में देखते हैं और उन्होंने "सीपीईसी रैपिड रिस्पांस इंफॉर्मेशन नेटवर्क" (CPEC Rapid Response Information Network) जैसी पहल शुरू की है और हाल ही में चीन-पाकिस्तान मीडिया कॉरिडोर (China-Pakistan Media Corridor, CPMC) शुरू करने का वादा किया है।

पाकिस्तानी मीडिया पर नियंत्रण की मांग

2021 में विदेश विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने चीन-पाकिस्तान मीडिया कॉरिडोर के हिस्से के रूप में पाकिस्तानी मीडिया पर महत्वपूर्ण नियंत्रण के लिए बातचीत करने की मांग की, जिसमें पाकिस्तान के सूचना वातावरण की निगरानी और आकार देने के लिए संयुक्त रूप से संचालित "नर्व सेंटर" की स्थापना भी शामिल है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताव का दायरा, जिस पर इस्लामाबाद ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया और तथ्य यह है कि इसमें जिन तंत्रों का विवरण दिया गया है, वे बीजिंग को असमान रूप से लाभान्वित करते प्रतीत होते हैं, यह एक करीबी साझेदार के घरेलू सूचना वातावरण पर प्रत्यक्ष नियंत्रण ग्रहण करने की बीजिंग की महत्वाकांक्षा का एक स्पष्ट उदाहरण के रूप में उल्लेखनीय है।

चीन के मसौदा अवधारणा पत्र में चीन और पाकिस्तान सरकारों से थिंक टैंक, राय नेताओं, सीपीईसी अध्ययन केंद्रों, मीडिया संगठनों, पीआरसी कंपनियों और यहां तक कि स्थानीय कन्फ्यूशियस संस्थानों से इनपुट को सुव्यवस्थित करके पाकिस्तान के सूचना वातावरण (Pakistan's information environment) की निगरानी के लिए एक "नर्व सेंटर" बनाने का आह्वान किया गया है।

न्यूज फीड एप्लिकेशन बनाने का आह्वान

विदेश विभाग ने कहा, प्रस्तावित नर्व सेंटर इस मिशन को पूरा करने के लिए "तीन तंत्र" और "दो प्लेटफार्मों" पर निर्भर होगा।

दो प्रस्तावित प्लेटफार्मों ने "अफवाहें दूर करने" के लिए एक संयुक्त पीआरसी-पाकिस्तान आधिकारिक प्रणाली बनाने और स्थानीय बाजार में अनुमोदित समाचारों को बढ़ावा देने के लिए एक न्यूज फीड एप्लिकेशन बनाने का आह्वान किया।

अपनी रिपोर्ट में, विदेश विभाग ने आरोप लगाया कि चीन विदेशी सूचना हेरफेर प्रयासों पर सालाना अरबों डॉलर खर्च करता है। बीजिंग चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने के लिए झूठी या पक्षपातपूर्ण जानकारी का उपयोग करता है।

साथ ही, चीन उन महत्वपूर्ण सूचनाओं को दबाता है जो ताइवान, उसके मानवाधिकार प्रथाओं, दक्षिण चीन सागर, उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक जुड़ाव जैसे मुद्दों पर उसके वांछित कथनों का खंडन करती हैं।

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