सब्जियों व चिकन के दाम इतने ज्यादा क्यों? कम करें, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने सोमवार को नबान्न में कृषि विपणन विभाग के टास्क फोर्स के साथ बैठक में इस संबंध में कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले भी कई जगहों पर सब्जियां ऊंचे दामों पर बेचने की खबर मिल चुकी है। इसे तत्काल नियंत्रित किया जाना चाहिए।

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे कम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को नबान्न में कृषि विपणन विभाग के टास्क फोर्स के साथ बैठक में इस संबंध में कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले भी कई जगहों पर सब्जियां ऊंचे दामों पर बेचने की खबर मिल चुकी है। इसे तत्काल नियंत्रित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने किए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर बाजार पर पहले ही पड़ चुका है। लेकिन कुछ सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा हैं। सब्जियां इतनी मंहगी क्यों बेची जा रही हैं? उन्होंने बैठक में टास्क फोर्स से कहा कि आलू को बाजार में ऊंचे दाम पर क्यों बेचा जा रहा है? जरूरत पड़ने पर सुफल बांग्ला स्टोर में बेचें। साथ ही मुख्यमंत्री ने आलू को कोल्ड स्टोरेज से बाजार में लाने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने जानना चाहा
उन्होंने कहा कि यूपी का आलू खाने की क्या जरूरत है! यहां का चावल खाओ, यहां का आलू खाओ। पाचन क्रिया ठीक रहेगी। मुख्यमंत्री ने जानना चाहा कि नए आलू के बाजार में आने से पहले पुराने आलू को कोल्ड स्टोरेज से क्यों नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आप इसे कोल्ड स्टोरेज से नहीं लेते हैं, तो मैं इसे सुफल बांग्ला स्टोर से कम कीमत पर बेचने का आदेश दूंगी। बैठक में ममता ने मत्स्य विभाग से मछली उत्पादन बढ़ाने को कहा।
उन्होंने याद दिलाया कि इस साल उनकी सरकार का लक्ष्य सालाना पांच लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन करना है। उसके बाद ममता ने चिकन-मीट की कीमत की बात की। उन्होंने कहा कि चिकन की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है? लोग क्या खाएंगे? मांस की कीमत 185 रुपये क्यों है? इसे तत्काल नियंत्रित किया जाना चाहिए।
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