बिहार के बाद अब बंगाल में SIR की तैयारी, दो दिन के भीतर EC के पास जमा की जाएगी रिपोर्ट
बिहार के बाद बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग सक्रिय है। आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के रिक्त पदों पर रिपोर्ट मांगी है। पश्चिम बंगाल में 80000 से अधिक वोटिंग बूथ हैं और नए बूथ बनने के बाद ये आंकड़ा 94000 पार कर जाएगा। अमर्त्य सेन ने एसआईआर को लेकर चिंता जताई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के बाद अब बंगाल में भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर चुनाव आयोग की सक्रियता देखने को मिल रही है। राज्य में एसआईआर को लेकर आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
दरअसल, आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय को पत्र लिखकर 29 अगस्त तक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों व सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के रिक्त पदों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट जमा करने को कहा था।
रिपोर्ट नहीं हो सकी जामा
वहीं, सीईओ कार्यालय सूत्रों के मुताबिक कुछ कार्य बाकी रहने के कारण निर्धारित समय पर रिपोर्ट जमा नहीं की जा सकी है। अगले एक-दो दिनों में रिपोर्ट जमा की जाएगी।
80 हजार से अधिक हैं बंगाल में वोटिंग बूथ
इससे पहले चुनाव आयोग ने आदेश देते हुए कहा था कि जिस भी मतदाता बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता हैं, वहां नए बूथ तैयार करने होंगे। पश्चिम बंगाल में वर्तमान में 80,000 से अधिक पोलिंग बूथ हैं। माना जा रहा है कि बंगाल में नए बूथ बनने के बाद ये आंकड़ा 94,000 पार कर जाएगा।
SIR को लेकर जताई जा रही चिंता
गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार प्राप्त अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने एसआइआर को लेकर चिंता जताई। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इसे संवेदनशील तरीके से नहीं किया गया तो यह गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मताधिकार से वंचित कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं और पुनरीक्षण जरूरी हैं लेकिन यह मौलिक अधिकारों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। (जागरण ब्यूरो के इनपुट के साथ)
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