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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

West Bengal: बोगतुई हत्याकांड के आरोपी की CBI हिरासत में मौत, TMC ने की जांच की मांग

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Tue, 13 Dec 2022 03:28 PM (IST)

Bogtui Case पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में आगजनी और हिंसा का मुख्य आरोपी ललन शेख (Lalan ...और पढ़ें

तृणमूल कांग्रेस के नेता और मदन मित्रा
तृणमूल कांग्रेस के नेता और मदन मित्रा

कोलकाता, एएनआई। Bogtui Killing Case: तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के नेता और मदन मित्रा (Madan Mitra) ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में हुए नरसंहार के मुख्य आरोपी और सीबीआइ हिरासत में मृत पाए गए ललन शेख (Lalan Sheikh) की मौत की जांच की मांग की है। टीएमसी नेता ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। शेख केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की हिरासत में था। सीबीआइ ने उसे 4 दिसंबर को झारखंड से गिरफ्तार किया था, जहां वो इस साल मार्च से छिपा हुआ था। जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सोमवार को सीबीआइ के अस्थायी कार्यालय में ललन 'फंदे से लटकता' पाया गया।

पूरा सहयोग करेगी TMC

इस बीच मित्रा ने कहा, ''ललन शेख की मौत कैसे हुई, जांच होनी चाहिए।'' उन्होंने कहा कि, "अगर लोगों को जांच से कोई समस्या है, तो वो सीबीआइ जांच की मांग करते हैं। लेकिन, अगर मुख्य आरोपी सीबीआइ की हिरासत में लटका पाया जाता है, तो लोगों का एजेंसी पर विश्वास कैसे होगा?" बीजेपी पर साजिश का आरोप लगाते हुए टीएमसी नेता ने कहा, ''सब कुछ बहुत रहस्यमय है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष सहित बीजेपी नेताओं ने उल्लेख किया था कि दिसंबर में बंगाल में कुछ होगा और शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट रूप से 12 दिसंबर की तारीख का उल्लेख किया था।'' मित्रा ने कहा ये भी कहा कि, ''तृणमूल कांग्रेस जांच में सभी एजेंसियों का पूरा सहयोग करेगी।"

परिजन कर रहे प्रदर्शन

बोगतुई मामले के मुख्य आरोपी ललन शेख के परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने बीरभूम जिले के रामपुरहाट सीबीआइ कैंप में विरोध प्रदर्शन किया। सीबीआइ हिरासत में ललन की आत्महत्या से मौत के बाद लोग इसांफ की मांग कर रहे हैं।

जानें क्या है बोगतुई केस

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बोगतुई गांव में 21 मार्च 2022 की रात एक टीएमसी नेता की हत्या कर दी गई थी। भादू शेख नाम के टीएमसी नेता की हत्या के बाद टीएमसी समर्थकों ने हमलावरों के घर में आग लगा दी थी। इस आगजनी में 10 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। बोगतुई गांव में हुए इस नरसंहार में टीएमसी नेता भादू शेख के चचेरे भाई लालन शेख को मुख्य आरोपी बनाया गया। नरसंहार का आरोप लगने के बाद लालन शेख घर छोड़कर फरार हो गया था।

बाथरूम में लटका मिला शेख

गौरतलब है कि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने 25 मार्च को मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने का आदेश दिया था। इस मामले का मुख्य आरोपी ललन शेख तब से फरार था जब तक कि उसे सीबीआइ ने गिरफ्तार नहीं कर लिया। सीबीआइ के एक अधिकारी के अनुसार, लालल शेख ड्यूटी पर तैनात एक अन्य सीबीआइ कर्मी की हिरासत में था, जबकि मामले के दो जांच अधिकारी आधिकारिक काम के लिए अदालत गए थे। घटना शाम करीब साढ़े चार बजे की है, जब सीआरपीएफ के जवान साइट ऑफिस पर पहरा दे रहे थे. शेख बाथरूम में गया और जब वो काफी देर तक बाहर नहीं आया तो कर्मचारी जांच करने के लिए अंदर गए तो उन्होंने उसे फांसी पर लटका हुआ पाया।

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