राज्य ब्यूरो, कोलकाता : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने गुरुवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली बंगाल सरकार पर कोरोना महामारी को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस से अनाथ बच्चों का विवरण एकत्र करने और उन्हें राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी की है। ममता पर हमला बोलते हुए डॉ हर्षवर्धन ने ट्वीट किया, 'दीदी तो स्नेह, त्याग और प्यार की मूर्ति होती हैं, लेकिन ये दीदी इतनी निष्ठुर क्यों?

कोरोना से जिन अनाथ बच्चों को सुरक्षा और देखभाल की ज़रूरत है, उन्हें सुविधा उपलब्ध कराने से आखिर ममता जी क्यों कतरा रही हैं ? बच्चों के साथ गंदी राजनीति ठीक नहीं है।' उन्होंने पूछा, 'ममता बनर्जी कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर क्या साबित करना चाह रही हैं। क्या वह सुप्रीम कोर्ट से ऊपर हैं?

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें आश्रय गृहों में उन बच्चों की सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की गई है, जिन्होंने अपने माता-पिता को कोरोना से खो दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों को अनाथ बच्चों के बारे में जानकारी एकत्र करने और उन्हें एनसीपीसीआर के पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। हालांकि, बंगाल सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं किया है।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों ने उसके आदेश के बाद व्यवस्थित रूप से जानकारी अपलोड की है, लेकिन केवल बंगाल ने अभी तक आदेश को नहीं समझा है। ममता सरकार को बहाना बनाने के लिए फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा, जब सभी राज्यों ने आदेश का पालन किया है, तो केवल बंगाल के लिए भ्रम कैसे हो सकता है।सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से अपने पिछले आदेश का पालन करने और कार्यवाही पूरी करने को कहा ताकि जिन बच्चों को सुरक्षा और देखभाल की जरूरत है उन्हें सुविधाएं प्रदान की जा सकें। दूसरी ओर, टीकाकरण की धीमी रफ्तार को लेकर भी हर्षवर्धन ने ममता पर निशाना साधा। स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री पर तंज करते हुए कहा- क्रेडिट लीजिए लेकिन टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाएं।

Edited By: Vijay Kumar