यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
TMC का ये बागी विधायक होगा ओवैसी की पार्टी में शामिल? कहा- मेरे लिए जाति और मजहब पहले
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे। इससे पहले अभी से ही प्रदेश में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक हुमायूं कबीर को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पिछले महीने से अब तक इस बाबत हैदराबाद से उन्हें कई बार फोन किया जा चुका है। उनसे कहा गया है कि वे अगर बंगाल में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर काम करना चाहते हैं तो एआईएमआईएम में उनका स्वागत है। कबीर से एआईएमआईएम के राज्य नेतृत्व की कमान संभालने की भी पेशकश की गई है।
बंगाल में पैर पसारने में लगी एआईएमआईएम
मालूम हो कि एआईएमआईएम बंगाल में बड़े मुस्लिम वोट बैंक को देखते हुए यहां पैर पसारने के प्रयास में है इसलिए कबीर को खुद से जोडना चाह रही है। कबीर के तृणमूल के साथ वर्तमान में संबंध अच्छे नहीं हैं। एआईएमआईएम इस मौके का भी फायदा उठाना चाहती है।
मालूम हो कि तृणमूल की अनुशासनात्मक समिति ने कबीर को सार्वजनिक रूप से भड़काऊ बयान देने को लेकर आगाह किया है। भाजपा विधायक व विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पिछले महीने कहा था कि अगर भाजपा बंगाल की सत्ता में आई तो तृणमूल के मुस्लिम विधायकों को विधानसभा से बाहर निकाल दिया जाएगा।
कबीर को पार्टी ने जारी किया था नोटिस
कबीर ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि मुसलमान विधायकों पर हाथ उठाने पर उनके हाथ तोड़ देंगे। इसके बाद कबीर को पार्टी की अनुशासनात्मक समिति की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कबीर ने साफ कहा था कि वे अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे।
उन्हें नहीं लगता कि उन्होंने पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन किया है। वे तृणमूल के सदस्य जरूर हैं, लेकिन पार्टी से पहले उनके लिए जाति और मजहब है। अगर कोई उनके मजहब को लेकर कुछ कहेगा तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उनके जवाब पर पार्टी ने नाराजगी जताई थी।
