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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

West Bengal: बंगाल में अब जन्म प्रमाणपत्र को लेकर बड़ी फर्जीवाड़ा, प्रशासन में मचा हड़कंप; कई गिरफ्तार

Published: Sun, 23 Feb 2025 05:30 AM (IST)

बंगाल में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट तैयार करवाने के बाद अब फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया ...और पढ़ें

बंगाल में अब जन्म प्रमाणपत्र को लेकर बड़ी फर्जीवाड़ा (सांकेतिक तस्वीर)
बंगाल में अब जन्म प्रमाणपत्र को लेकर बड़ी फर्जीवाड़ा (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. गांव में हर साल तीन-चार बच्चे जन्म लेते हैं, जारी किए गए 4,888 जन्म प्रमाण
  2. बंगाल में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट तैयार करने का मामला तूल पकड़ चुका है
  3. बंगाल का नदिया भारत-बांग्लादेश की सीमा से सटा जिला है

 राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट तैयार करवाने के बाद अब फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने का मामला सामने आया है। नदिया जिले के हांसखाली ब्लॉक के बगुला दो नंबर ग्राम पंचायत के अंतर्गत एक गांव में 4,888 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में एक सरकारी अधिकारी व तीन पंचायत कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।

कम आबादी पर जारी किए हजारों जन्म प्रमाण पत्र

गौर करने वाली बात यह है कि जिस गांव का हवाला देकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं, वहां की आबादी इतनी कम है कि साल में करीब चार बच्चे ही जन्म लेते हैं। इस बारे में बगुला दो नंबर ग्राम पंचायत की प्रधान सुष्मिता बिश्वास बर्मन से पूछने पर उन्होंने कहा कि कानून अपने तरीके से काम करेगा।

वहीं हांसखाली पंचायत समिति की अध्यक्ष शिल्पी बिश्वास ने कहा कि यहां की एक पंचायत के एक गांव में साल में तीन से चार बच्चे जन्म लेते हैं, फिर इतने सारे जन्म प्रमाणपत्र कैसे जारी कर दिए गए? इसके पीछे एक बड़ा घोटाला है।

दिया भारत-बांग्लादेश की सीमा से सटा जिला

शिल्पी बिश्वास ने कहा कि मामले की बारीकी से जांच होनी चाहिए। राणाघाट उत्तर-पूर्व सीट से भाजपा विधायक असीम बिश्वास ने कहा कि इसके पीछे स्थानीय तृणमूल नेताओं का हाथ है। मालूम हो कि नदिया भारत-बांग्लादेश की सीमा से सटा जिला है, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अबतक की जांच में पता चला है कि रुपये लेकर जन्म प्रमाणपत्र जारी किए जाते थे।

कोलकाता में बोर्ड परीक्षा में एआइ ऐप का इस्तेमाल करते पकड़ी गई छात्रा

बंगाल शिक्षा बोर्ड की दसवीं (माध्यमिक) की गणित की परीक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) पर आधारित ऐप का इस्तेमाल करते एक छात्रा को पकड़ा गया। पकड़े जाने पर छात्रा की समस्त परीक्षा रद कर दी गई है।

छात्रा परीक्षा हॉल में छुपाकर ले आई मोबाइल

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार छात्रा परीक्षा हॉल में अपने साथ मोबाइल फोन छिपाकर ले गई थी, जिसमें उसने एआइ ऐप डाउनलोड कर रखा था। वह गणित के सवालों को ऐप की मदद से हल करने की कोशिश कर रही थी। उसी समय परीक्षक की उसपर नजर पड़ गई।

उन्होंने तुरंत उसे परीक्षा हाल से बाहर कर दिया। वह दक्षिण कोलकाता के बदरतला हाई स्कूल की छात्रा है। बटतला हाई स्कूल उसका परीक्षा केंद्र था। बोर्ड परीक्षा के दौरान एआइ ऐप का इस्तेमाल करते पकड़े जाने का यह संभवत: पहला मामला है।

परीक्षा के दौरान अब तक 19 परीक्षार्थियों को मोबाइल के साथ पकड़ा

मालूम हो कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त है। बोर्ड ने पहले ही कह दिया था कि ऐसा करते पकड़े जाने वाले परीक्षार्थियों की सारी परीक्षाएं रद कर दी जाएंगी। परीक्षा के दौरान अब तक 19 परीक्षार्थियों को मोबाइल के साथ पकड़ा गया है।

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